UP: मारपीट के बाद देख लेने की धमकी, फिर चाचा-भतीजे को मारी गोली, दोनों की हालत गंभीर, इस बात पर हुआ था विवाद
Meerut News : गांव में गाड़ी हटाने के विवाद में एक युवक ने अपने दोस्त के साथ मिलकर चाचा और भतीजे को गोली मार दी। बताया गया कि दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।
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मेरठ में भावनपुर थाना क्षेत्र के गांव राली चौहान में बुधवार को गाड़ी हटाने के विवाद में एक युवक ने चाचा-भतीजे को गोली मार दी। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पीड़ित की ओर से चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है।
गांव राली चौहान निवासी राहुल चौहान पुत्र कृष्णपाल चौहान ने बताया कि उसके दूसरे चाचा कंवर पाल चौहान अपनी बहन को लेकर बहचौला जा रहे थे। सामने से छोटू उर्फ लवीस पुत्र आजाद चौहान गाड़ी लेकर आया और कंवरपाल की गाड़ी के सामने खड़ी कर दी। कंवरपाल ने गाड़ी हटाने के लिए कहा तो छोटू ने कहा कि गाड़ी पीछे नहीं जाती, आगे ही जाएगी। जिस पर दोनों में विवाद शुरू हो गया। जमकर मारपीट हुई। छोटू आधा घंटे में वापस लौटने की धमकी देते हुए वहां से चला गया।
वहीं, थोड़ी देर बाद वो एक साथी के साथ आया और चारपाई पर बैठे कृष्ण पाल को पिस्टल से दो गोलियां मार दीं। गोली की आवाज सुनकर कृष्णपाल के चाचा आशोक आए तो उनको भी गोली मार दी। गोली मारने के बाद आरोपी फरार हो गए। गांव वालों ने पुलिस की मदद से दोनों घायलों को उपचार के लिए मेडिकल मे भर्ती कराया, जहां पर दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। कुंवर पाल ने लविश पुत्र आजाद, रोहताश पुत्र घासी व रोहताश के दोनो बेटों के खिलाफ तहरीर दी है। सीओ सदर देहात देवेश सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
अब्दुलापुर में शराब के ठेके पर भी चलाई थी गोली
आरोपी छोटू ने 28 अप्रैल 2021 को अपने साथी के साथ मिलकर अब्दुल्लापुर में शराब के ठेके पर भी गोली चलाई थी। उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। गांव के लोगों का आरोप है कि पूर्व सत्ता में मंत्री रहे एक नेता के पास छोटू के पिता आजाद चेयरमैन का आना-जाना है। इसके चलते उसका बेटा गांव में दबंगई दिखाता है।
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आरोपी का पिता गोली चलने से पूर्व पहुंचा थाना
गांव में छोटू उर्फ लवीश के गोली चलाने से पूर्व उसका पिता आजाद भावनपुर थाने में बेटे के साथ मारपीट का आरोप लगाते हुए दूसरे पक्ष के विरुद्व तहरीर लेकर पहुंचा था। इसी दौरान दूसरे पक्ष की ओर से भी ग्राम प्रधान वीर बहादुर मारपीट की शिकायत लेकर पहुंच गए। कुछ देर बाद ही गांव में गोली चलने की सूचना पुलिस को मिली। जिसके बाद छोटू का पिता आजाद थाने से भाग गया।
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