ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स विवाद: व्यापारियों का आरोप-पहले कराते हैं अवैध निर्माण, फिर सीलिंग के नाम पर वसूली
मेरठ के सेक्टर-12 स्थित ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स में सीलिंग की कार्रवाई के बाद विवाद गहरा गया है। व्यापारियों ने आवास विकास परिषद के अधिकारियों पर अवैध निर्माण को बढ़ावा देने और बाद में सीलिंग के नाम पर उगाही करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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मेरठ के सेक्टर-12 स्थित ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स में आवास एवं विकास परिषद की सीलिंग की कार्रवाई के बाद विवाद गहरा गया है। कॉम्प्लेक्स के दुकानदारों ने विभाग के अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और अवैध उगाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। दुकानदारों का सीधा कहना है कि विभाग के अधिकारी पहले अपनी मिलीभगत से अवैध निर्माण होने देते हैं और जब काम पूरा हो जाता है तो वसूली के लिए सीलिंग का डर दिखाकर व्यापारियों को प्रताड़ित करते हैं।
यह कॉम्प्लेक्स हाल ही में तब सुर्खियों में आया जब यहां मशहूर यू-ट्यूबर शादाब जकाती के ज्वैलरी शोरूम का भव्य उद्घाटन हुआ। इस हाई-प्रोफाइल उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद बुधवार को एकाएक विभाग ने पूरे कॉम्प्लेक्स को सील कर दिया।
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व्यापारियों ने कहा, जब निर्माण हो रहा था, तब अधिकारी कहां थे? अगर यह अवैध था तो इसे शुरू में ही क्यों नहीं रोका गया? अब जब लोग बस गए हैं तब उगाही के लिए यह खेल खेला जा रहा है।
ग्रैंड स्क्वायर कॉम्प्लेक्स के दुकानदारों का आवास विकास पर गंभीर आरोप
दस्तावेजों और स्वामित्व का उलझा मामला
जांच में सामने आया है कि सेक्टर-12 स्थित भूखंड संख्या 427 और 428 को जोड़कर करीब 773 वर्ग मीटर में इस चार मंजिला कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है जिसमें कुल 115 दुकानें हैं। जमीन के मूल आवंटी कस्तूरी लाल ने यह जमीन सईद सैफी को बेच दी थी लेकिन विभाग में इसका नामांतरण नहीं कराया गया। विभाग ने कस्तूरी लाल के नाम पर नोटिस जारी कर एक सप्ताह में अवैध निर्माण हटाने का निर्देश दिया था और मियाद पूरी होने पर इसे सील कर दिया।
सभी विभागों की एनओसी का दावा
दूसरी ओर सईद सैफी का कहना है कि उनके पास फायर विभाग को छोड़कर अन्य सभी विभागों की एनओसी मौजूद है। दुकानदारों ने भी दावा किया कि उनके पास कमर्शियल बिजली कनेक्शन हैं और वे बाकायदा जीएसटी भी भर रहे हैं।जब सभी सरकारी मानक पूरे किए जा रहे थे, तो इसे अवैध बताकर सील करना समझ से परे है। इस कार्रवाई के बाद व्यापारियों में भारी रोष है और उन्होंने आवास विकास के अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोलने की चेतावनी दी है।