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मेरठ: व्यापारी नेता शैंकी वर्मा ने खून से लिखी चिट्टी पीएम को भेजी, सेंट्रल मार्केट को बचाने की लगाई गुहार

Mon, 28 Sep 2026 11:00 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Mon, 28 Sep 2026 11:00 PM IST
सार

मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा का कहना है हजारों व्यापारी बेरोजगार हो गए हैं। उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में आगे इस तरह की कार्रवाई न की जाए। 

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Meerut: Trader leader Shanki Verma sent a letter written in blood to the PM
शैंकी वर्मा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में सील किए जा चुके 44 में से 18 भवनों को ध्वस्त करने की तैयारी शुरू हो गई है। व्यापारी लगातार मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री से बाजार को बचाने की गुहार लगा रहे हैं। मेरठ व्यापार मंडल के महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा ने खून से प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर बाजार को बचाने की गुहार लगाई है।
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शैंकी वर्मा का कहना है कि ध्वस्तीकरण से हजारों व्यापारी बेरोजगार हो गए हैं। शहर के अन्य भागों में भी सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है। वहीं चंदे के लिए जमा किए गए दो करोड़ रुपये को लेकर एक बार फिर से व्यापारी आमने-सामने आ गए हैं। कई व्यापारी जहां चंदे के लिए दिए गए पैसे वापस मांग रहे हैं तो कुछ आत्मदाह तक की चेतावनी दे रहे हैं।
 
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दूसरी ओर अब सेंट्रल मार्केट में 18 भवनों को ध्वस्त करने को लेकर मंथन चालू हो गया है। आवास एवं विकास परिषद ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर 21 सितंबर को हुई सुनवाई में स्थिति साफ की थी। परिषद ने सील की गई 44 संपत्तियों में से 20 में अवैध निर्माण पूरी तरह से ध्वस्त करने का दावा किया है। 
 
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97 पृष्ठ की रिपोर्ट में बताया गया कि 44 में से आठ संपत्तियों में 50 से 75 प्रतिशत तक, आठ संपत्तियों में 25 से 50 प्रतिशत तक और शेष आठ में केवल 25 प्रतिशत तक अवैध निर्माण को हटाया गया है। इसके अलावा 201 संपत्तियां हैं जिनमें सेटबैक की जगह पर अवैध निर्माण हुआ है, इनमें 63 में पूरा अवैध निर्माण हटाया जा चुका है।
 

इनमें 138 में प्रक्रिया अभी चल रही है। प्रभावित लोगों के पुनर्वास को लेकर भी योजना बनाने का उल्लेख किया गया है। उल्लेखनीय है कि 21 सितंबर की सुनवाई में मेरठ विकास प्राधिकरण ने जोन ए के 16726 अवैध निर्माण की सूची रखी थी। इस पर कोर्ट ने सभी को सील करने के आदेश दिए थे। अब मामले में 9 दिसंबर को सुनवाई होनी है। 

उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का अनुपालन लगातार कराया जा रहा है। उधर, कुछ व्यापारियों ने बताया कि उनकी गुप्त बैठक हुई है, जिसमें सभी की धनराशि मंगलवार को वापस करने पर सहमति बनी है।
 

अवैध निर्माणों पर वैधानिक समाधान जरूरी, सीएम को भेजा पत्र
सुप्रीम कोर्ट के 26 सितंबर 2026 को दिए गए आदेश के बाद 16,726 अवैध निर्माणों को सील किए जाने के निर्देश पर दिए गए हैं। शहर सराफा बाजार व्यापार एसोसिएशन के महामंत्री नरेश माहेश्वरी ने सीएम को पत्र लिखकर वैधानिक समाधान निकालने की मांग की है। शहर सराफा बाजार व्यापार एसोसिएशन के महामंत्री नरेश माहेश्वरी ने कहा कि कानूनी आधार में संपत्तियों को बचाने के लिए संशोधन किए जा सकते हैं। उन्होंने निर्माणों के नियमितीकरण या कंपाउंडिंग का प्रावधान किए जाने का सुझाव दिया है। ऐसा होने पर प्रभावित लोगों को राहत मिल सकती है और सरकार को राजस्व प्राप्त हो सकता है। 
 
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