फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut SP Sanjeev Vajpayee teaches traffic rules to students in police school

पुलिस की पाठशाला में बोले एसपी- मोबाइल की तरह 'सिर' की सुरक्षा क्यों नहीं करते युवा

Fri, 02 Nov 2018 01:28 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Updated Fri, 02 Nov 2018 01:28 PM IST
विज्ञापन
Meerut SP Sanjeev Vajpayee teaches traffic rules to students in police school
एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी - फोटो : अमर उजाला

युवा जब महंगा या सस्ता मोबाइल खरीदते हैं तो टूटने से बचाने के लिए पूरी जद्दोजहद करते हैं। आगे टेंपर, पीछे टेंपर, मजबूत सा कवर लगवाते हैं। लेमिनेशन भी करा लेते हैं, ताकि मोबाइल टूटे नहीं, तो आपका सिर मोबाइल से कम कीमती है क्या? जो इसे टूटने से बचाने के लिए कभी हेलमेट नहीं पहनते। अपने सिर की सुरक्षा मोबाइल की तरह क्यों नहीं करते? हेलमेट पहनने का यह संदेश एसपी यातायात संजीव वाजपेयी ने दिया। 

विज्ञापन


बता दें कि बीते 28 सितंबर को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से केंद्रीय विद्यालय पंजाब लाइंस में पुलिस की पाठशाला लगी थी। शुभारंभ एसपी ट्रैफिक ने किया तो वहीं प्रिंसिपल आरके शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया था। एसपी यातायात ने छात्रों को यातायात के नियमों की जानकारी दी। छात्रों ने फिल्म देखकर यातायात नियमों को जाना व नियमों का पालन करने की शपथ भी ली थी। 
विज्ञापन

 
यातायात प्रचार वाहन देखकर खुश हुए छात्र
पाठशाला में यातायात पुलिस की ओर से छात्रों को यातायात नियमों की जानकारी दी। छात्रों को यातायात नियमों का प्रचार वाहन भी दिखाया। छात्रों ने जब प्रचार वाहन देखा तो उसके बारे में समझा। यातायात नियमों की जानकारी ली। 
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्रों से जीवन के अनुभव साझा किए
एसपी यातायात संजीव वाजपेयी ने छात्रों से अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया मैं विज्ञान का छात्र रहा हूं। आर्गेनिक केमिस्ट्री पसंदीदा विषय रहा है। जब मैंने सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की तो परेशानी आई। क्योंकि सिविल सर्विसेज एग्जाम का पैटर्न कला विषय वाले विद्यार्थियों के लिए बहुत आसान होता है। मैंने पहली बार पेपर दिया तो निबंध हूबहू किताब जैसा लिखा। 24 पन्ने की कॉपी पूरी भर दी। मैं खुश था कि पेपर बहुत अच्छा हुआ, अच्छे अंक मिलेंगे। लेकिन कुल 80 नंबर मिले। तब पता चला कि हूबहू किताब जैसा नहीं बल्कि अपनी दूरदर्शिता के अनुसार जवाब देना जरूरी है। अगली बार 7 पन्ने का निबंध लिखा और 130 अंक मिले चयन भी हो गया।

सबसे ज्यादा चालान पुलिस वालों के कटे
एसपी ट्रैफिक से जब एक छात्र ने पूछा कि सरकारी नौकरी वाले लोगों का यातायात नियमों का पालन न करने पर भी चालान नहीं काटा जाता। आम आदमी को तुरंत चालान थमा देते हैं। ऐसा क्यों? इस पर एसपी ट्रैफिक ने कहा कि सबसे ज्यादा चालान पुलिस वालों के ही कटे हैं। खुद अपने विभाग के कर्मचारी अपने ही ड्राइवर का चालान भी काट चुका हूं। 

- एंबुलेंस अगर जाम में फंस जाए तो उसे कैसे निकालते हैं? -प्रेक्षा सक्सेना
मेरठ शहर में 20 लाख की आबादी पर 11 लाख वाहन पंजीकृत हैं। ऐसे में जाम लगेगा ही है। एंबुलेंस को जाम में पहले से पहले रास्ता दिलाते हैं, ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था भी आपातकालीन वाहनों के लिए रखते हैं।

- कॉमर्स के विद्यार्थी सिविल सर्विसेज की तैयारी कैसे करें? -नेहा
  सिविल सर्विसेज में कला विषय वाले विद्यार्थी थोड़ा अच्छा स्कोर कर लेते हैं। लेकिन अन्य विषयों के छात्र अगर मन लगाकर पैटर्न के अनुसार पढ़ाई करें तो जरूर सफल होते हैं।

- ट्रिपलिंग करने वालों पर पुलिस क्या एक्शन लेती है? -शालू
आप लोग ही ट्रिपलिंग करते हो, बिना हेलमेट ओवर स्पीड बाइक चलाते हो। बिना लाइसेंस ड्राइव करते हो। अगर आप सभी युवा नियमों का पालन करें तो न जाम लगे न दुर्घटना हो। इसका ध्यान रखना जरूरी है। 

- कई वाहन चालक यातायात नियमों को नहीं जानते तो क्या करें? -साक्षी
यातायात नियमों को न जानना सबसे बड़ी समस्या है। तमाम वाहन चालक हैं जो नियमों को नहीं जानते। जानते हैं तो मानते नहीं हैं। यातायात पुलिस समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाती है। 

- यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने में क्या परेशानी आती है? -सूरज
यातायात व्यवस्था ध्वस्त क्यों होती है, क्योंकि आप लोग ही नियमों का पालन नहीं करते। बिना हेलमेट पहने, बिना सीट बेल्ट बांधे, शराब पीकर, ओवर स्पीड ड्राइविंग, रांग साइड ड्राइविंग, ट्रिपलिंग करते हैं।

- यातायात मैनेजमेंट के लिए पुलिस क्या कर रही है? -मुस्कान
पिछले एक साल में यातायात व्यवस्था शहर में काफी सुधरी है। स्टाफ बढ़ाया है, सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। प्रचार वाहनों से प्रचार करा रहे हैं। क्विक रिस्पांस टाइम सुधारने के लिए नई बाइकें ली हैं। 

- जो चालक हेलमेट नहीं लगाते तो आप क्या करते हैं? -जितेंद्र
हेलमेट न लगाने वालों का चालान काटते हैं। सबसे ज्यादा चालान हेलमेट न पहनने वालों के ही कटते हैं। हेलमेट पहनना यानि अपने जीवन की सुरक्षा करना है। 

- किसी की गाड़ी से एक्सीडेंट हो जाए, दोषी व्यक्ति घायल को अस्पताल भी ले जाए तो उस पर क्या एक्शन होता है? -अंशिका
आपके ही वाहन से दुर्घटना हुई, लेकिन आप घायल को अस्पताल ले गए तो पुलिस आपको कोई पूछताछ नहीं कर सकती, न नुकसान पहुंचाएगी क्योंकि ये नियम है कि घायल को भर्ती कराने वाले को परेशान न किया जाए। 

- समाज में आर्ट्स स्ट्रीम को हीन क्यों समझते हैं? -प्रशांत विश्नोई
विषय कोई भी कमतर नहीं है। हर विषय में अपना कॅरियर और महत्व है। हर विषय को पढ़ने में मेहनत लगती है इसलिए कला को कम आंकना गलत है। 

- 100 नंबर पर कॉल किया तो बहुत देर बाद गाड़ी आती है? -प्रशांत
100 नंबर वाहन क्विक रिस्पांस टाइम को बेहतर बनाने के लिए हैं। जो लखनऊ कं ट्रोल रूम से संचालित होती हैं। जब भी आप उससे मदद मांगेंगे तो लखनऊ से 100 नंबर को आदेश मिलता है और नजदीकी वाहन तुरंत पहुंचता है।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed