UP: सपा विधायक अतुल प्रधान ने विधानसभा में उठाए ये बड़े मुद्दे, सुसाइड मामले में परिजनों का कार्रवाई से इनकार
Meerut News : सपा विधायक अतुल प्रधान ने विधानसभा में ये बड़े मुद्दे उठाए। उधर, आत्महत्या के मामले में परिजनों ने कार्रवाई से इन्कार कर दिया।
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मेरठ में सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान ने बुधवार को विधानसभा सत्र में जिले के कई मुद्दे उठाए। इनमें सफाई कर्मचारियों को स्थायी न किए जाने, टूटी सड़कों और नगर निगम में कमिशन का मुद्दा प्रमुख रहे। उन्होंने नगर निगम के कमिशन की वजह से दो ठेकेदारों की खुदकुशी की बात भी कही।
उन्होंने कहा कि नगर निगम में कमिशन का खेल चल रहा है। लोगों को मौत को गले लगाना पड़ रहा है। सफाई कर्मचारियों को स्थायी नहीं किया जा रहा है। उनका वेतन नहीं बढ़ाया जा रहा है। आउटसोर्सिंग के कर्मचारियों को नियमित किए जाने की जरूरत है। मेरठ में वातारण दूषित है। इस ओर काम नहीं किया जा रहा है। मलिन बस्तियों में गरीब तबके के लोग रहते हैं। बजट तो दिया है, लेकिन अभी तक सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हुई हैं। पता ही नहीं चलता कि सड़क में गड्ढ़े हैं या गड्ढ़ों में सड़क है। उदाहरण चेक भी करा सकते हैं। गोशालाओं के लिए जो बजट दिया वह ऊंट के मुंह में जीरा है। वह बजट भी पहुंचा नहीं है। दौराला, लावड़, फलावदा या शहर कहीं की बात कर लें, सब जगह यही स्थिति है।
आत्महत्या मामले में परिजनों का कार्रवाई से इन्कार
ठेकेदार द्वारा आत्महत्या मामले में परिजनों ने किसी भी कार्रवाई से इन्कार किया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को गांव ले गए। वहां अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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गंगानगर जीपी-96 में ठेकेदार देवेश अग्रवाल रहते थे। वह अपने रिश्तेदार नवीन अग्रवाल की मॉडर्न इंजीनियर्स फर्म के माध्यम से नगर निगम के ठेके लेकर निर्माण कार्य करते थे। मंगलवार दोपहर उनका शव कमरे में पंखे से लटका मिला। मूल रूप से पुरानी अनाज मंडी अनूपशहर निवासी देवेश अग्रवाल के पिता प्रकाश चंद का ट्रांसपोर्ट का काफी बड़ा काम हुआ करता था। परिचितों के मुताबिक, बुलंदशहर में उनके करीब दो दर्जन ट्रक दूसरे राज्यों में सामान लेकर आते-जाते थे। पिताजी के जाने के बाद देवेश ने भी काम संभाला था।
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निगम के नहीं थे ठेकेदार
अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार का कहना है कि सोशल मीडिया पर चल रहा है कि आत्महत्या करने वाले दीपेश अग्रवाल की फर्म का नाम मेसर्स मॉडर्न इंजीनियरिंग कंपनी है और वह नगर निगम के ठेकेदार थे, जबकि वास्तव में दीपेश अग्रवाल के नाम से कोई भी फर्म पंजीकृत नहीं है। निर्माण विभाग के अभिलेखों के अनुसार फर्म मेसर्स मॉडर्न इंजीनियरिंग एसोसिएट के प्रोपराइटर का नाम नवीन कुमार गर्ग है, जो गाजियाबाद के निवासी हैं। उनके आकस्मिक निधन के संबंध में निगम की भूमिका का दुष्प्रचार पूरी तरह से निराधार और असत्य है।