Meerut: शताब्दी नगर में मेडा की कब्जा कार्रवाई पर बवाल, किसानों ने किया विरोध
मेरठ शताब्दी नगर में मेडा की टीम भारी पुलिस बल के साथ प्लॉट पर कब्जा लेने पहुंची। किसानों और राजनीतिक दलों ने विरोध किया। प्लॉट मालिक ने कहा कि जमीन की रजिस्ट्री और दाखिल खारिज वैध है, फिर भी कार्रवाई की जा रही है।
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मेरठ में शुक्रवार को परतापुर क्षेत्र के शताब्दी नगर में मेडा (मेरठ विकास प्राधिकरण) की टीम भारी पुलिस बल के साथ पहुंची और घोपला निवासी अमित धारीवाल के प्लॉट पर बने सदाशिव एसोसिएट कार्यालय पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।
इसकी जानकारी मिलते ही भारतीय किसान यूनियन, आम आदमी पार्टी और रिठानी व घोपला गांव के कई किसान मौके पर पहुंच गए और कार्रवाई का विरोध करने लगे। किसानों ने आरोप लगाया कि मेडा मनमानी कर रहा है और बिना उचित नोटिस दिए जमीन पर कब्जा करना चाहता है।
प्लॉट मालिक अमित धारीवाल ने कहा कि यह जमीन उन्होंने 4 साल पहले किसानों से खरीदी थी। इसकी रजिस्ट्री तहसील में कराई गई और दाखिल-खारिज भी हो चुका है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जमीन विवादित थी तो रजिस्ट्री और दाखिल-खारिज कैसे हो गया?
किसानों ने भी कहा कि पिछले चार साल से इस प्लॉट पर कार्यालय बना हुआ है और मेडा अधिकारी रोजाना यहां से गुजरते रहे हैं, लेकिन अब अचानक कार्रवाई की जा रही है।
हंगामे के बीच प्लॉट मालिक ने मेडा अधिकारियों से एक सप्ताह का समय मांगा और उचित समाधान निकालने की मांग की।