मेरठ: छह कॉम्प्लेक्स ध्वस्त होने के बाद सहमे व्यापारी, 21 सितंबर की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई पर टिकी नजर
मेरठ के शास्त्रीनगर में छह कॉम्प्लेक्स ध्वस्त होने के बाद व्यापारी सहमे हैं। 21 सितंबर की सुप्रीम कोर्ट सुनवाई पर आगे की रणनीति तय करने की बात कही है। महिलाओं का धरना भी जारी है।
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मेरठ। शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में बुधवार को छह कॉम्प्लेक्स में हुए ध्वस्तीकरण के बाद से व्यापारी सहमे हुए हैं। 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर भी उनमें आशंका है। व्यापारियों का कहना है कि इस तारीख पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
जागृति विहार में भी दुकानें बंद करने की शुरुआत
जागृति विहार में कुछ व्यापारियों ने घरों में खुली दुकानें बंद करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को सेक्टर-9 में कुछ व्यापारियों ने दुकानों के शटर हटाकर खिड़की और दरवाजे लगाने का काम शुरू कर दिया। इसे ध्वस्तीकरण की आशंका से जोड़कर देखा जा रहा है।
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महिलाओं ने जारी रखा धरना
इधर, शुक्रवार को महिलाओं का धरना जारी रहा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि आवास एवं विकास परिषद के अधिकारियों ने वादाखिलाफी की है। उनका कहना है कि बैठकों में 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने तक किसी तरह की कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद फिर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर दी गई।
44 संपत्तियों को ध्वस्त करने का आदेश
शास्त्रीनगर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लगातार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर आवास एवं विकास परिषद ने आवासीय भवनों में बने व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, स्कूल, अस्पताल, मिठाई की दुकान, ज्वैलरी के शोरूम, डेयरी, सैलून आदि को सील किया था।
14 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने इन सभी 44 संपत्तियों को ध्वस्त करने के आदेश दिए थे। इसी के तहत परिषद की ओर से संपत्तियों का सर्वे कराया गया था। संपत्ति स्वामियों को नोटिस जारी कर 15 दिन के भीतर इनका ध्वस्तीकरण करने के निर्देश दिए गए थे।
बुधवार को छह कॉम्प्लेक्स पर चला बुलडोजर
बुधवार को भारी पुलिस फोर्स के साथ शास्त्रीनगर के तमाम इलाकों को सील किया गया और छह अवैध कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त कर दिया गया। इसके बाद से क्षेत्र के व्यापारियों में चिंता का माहौल है। अब उनकी नजर 21 सितंबर को होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है।