Meerut: वार्षिक पत्रिका पर कमल का फूल छपवाने पर सरधना विधायक ने जताई आपत्ति
मेरठ के सरधना से सपा विधायक अतुल प्रधान ने एसडी इंटर कॉलेज की वार्षिक पत्रिका में भाजपा का प्रचार करने का आरोप लगाते हुए कमल का फूल छापने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इस संबंध में मंडलायुक्त से शिकायत की है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ शहर के सनातन धर्म ब्वॉयज इंटर कॉलेज की वार्षिक पत्रिका में कमल का फूल छपवाने पर सरधना के सपा विधायक अतुल प्रधान ने आपित्त जताई है। अतुल प्रधान ने मामले में सोमवार को मंडलायुक्त सेल्वा कुमारी जे से शिकायत करते हुए कॉलेज प्रशासन पर अनियमितता बरतने का अरोप लगाया है।
सरधना विधायक अतुल प्रधान ने बताया कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों से प्राप्त शुल्क प्राप्त कर प्रधानाचार्य डा. बिशनपाल सिंह, प्रधान संपादिका सुरेखा भार्गव और उनकी टीम ने भाजपा का चुनाव चिह्न पार्टी के ही रंग और ढंग से छपवा दिया। जबकि कॉलेज राजकोष से सहायता प्राप्त कर रहा है। छात्रों अभिभावक, शिक्षकों, कर्मचारियों, पार्टी के व्यक्तियों और विभाग में राजनीतिक प्रचार किया है।
आरोप है बिशनपाल सिंह ने पत्रिका में राजनीतिक मंशा से केवल भाजपा के चुनिंदा सांसदों और विधायकों के संदेश छपवाए हैं। भाजपा के कार्यकर्ताओं के साथ उन्हें अपने घर पर बुलाकर स्कूली पत्रिका भेंट कर फेसबुक पेज पर उनका प्रचार कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: UP: हस्तिनापुर में विशु की हत्या से भड़का आक्रोश, आरोपियों के घर-खेत फूंके, इलाके में तनाव बरकरार
उनका आरोप है कि प्रधानाचार्य छात्रों से सरकारी फीस से अलग अवैध वसूली भी करा रहे हैं। जिसके लिए कई अभिभावकों ने उनसे शिकायत की है। कॉलेज में प्रधानाचार्य और शिक्षकों द्वारा लगातार अनियमितता की जा रही है।
विधायक ने विद्यालय की पत्रिका के वितरण को रुकवाने की मांग करते हुए पत्रिका के प्रकाशन में हुए खर्च को प्रधानाचार्य, संपादिका और उसकी टीम से निजी तौर पर वसूल करके छात्रनिधि में जमा कराने की मांग की है।
प्रधानाचार्य बोले कमल का फूल सनातनी की पहचान है
विधायक की आपत्ति के बाद प्रधानाचार्य डाॅ. बिशनपाल सिंह ने बताया कमल का फूल मात्र भाजपा का चुनाव चिह्न नहीं है, सनातनी की पहचान भी है। कमल के फूल के निशान के अलावा भाजपा का जिक्र तक नहीं किया गया है। जिससे लगे कि किसी पार्टी की प्रचार हो रहा है। वार्षिक पत्रिका पर पहले भी कमल का फूल प्रकाशित होता आया है, उसमें कुछ गलत नहीं है।