{"_id":"62c6bbac2fdcc74961148018","slug":"meerut-pwd-files-case-against-jal-nigam-in-meerut","type":"story","status":"publish","title_hn":"Meerut: पीडब्ल्यूडी के एई ने जल निगम के जेई पर कराया मुकदमा, ये है पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Meerut: पीडब्ल्यूडी के एई ने जल निगम के जेई पर कराया मुकदमा, ये है पूरा मामला
Thu, 07 Jul 2022 05:46 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 07 Jul 2022 05:46 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के मेरठ में पीडब्ल्यूडी के एई ने जल निगम के जेई पर मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि जल निगम ने बगैर अनापत्ति प्रमाणपत्र के सड़क की इंटरलॉकिंग उखाड़ी है। थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
मेरठ पुलिस।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ के सरूरपुर में नगर पंचायत हर्रा में बगैर अनुमति के सड़क किनारे इंटरलॉकिंग उखाड़ने के आरोप में पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता (एई) ने जल निगम के अवर अभियंता (जेई) के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जल निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए लाइन बिछाने का काम कर रहा है। मामले में थाना पुलिस ने जांच शुरू की है।
विज्ञापन
जल निगम ने बिना अनुमति उखाड़ी इंटरलॉकिंग
पीडब्ल्यूडी विभाग के एई पिंटू त्यागी ने बताया कि कांवड़ यात्रा के चलते डीएम दीपक मीणा ने सभी मार्गों को दुरुस्त करने के आदेश दिए हैं। जल निगम ने बिना विभाग को जानकारी दिए दौराला बरनावा मार्ग पर इंटरलॉकिंग उखाड़कर सड़क को खुर्दबुर्द कर दिया। कई बार मना करने के बाद भी जल निगम ने पाइप लाइन डालने का काम बंद नहीं किया।
विज्ञापन
जल निगम के अधिकारियों से मार्ग की मरम्मत कराने के लिए कहा तो उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद एई ने जल निगम के जेई प्रवीण कुमार और ठेकेदार मोनू यादव के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व सड़क खोदाई करने जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें : Meerut: थाने में चौकी इंचार्ज ने हिस्ट्रीशीटर के साथ काटा जन्मदिन का केक, महफिल में खूब छलके जाम
इंटरलॉकिंग उखाड़कर पाइप लाइन डालने के लिए मांगी थी अनुमति
वहीं, जल निगम के जेई प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रदेश सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल हर्रा पेयजल योजना के तहत कस्बे में पाइप लाइन डाली जा रही है। विभाग की तरफ से 18 जून को पत्र लिखकर इंटरलॉकिंग उखाड़कर पाइप लाइन डालने को अनुमति मांगी गई थी। लेकिन पीडब्ल्यूडी की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला। जबकि योजना को पूरा करने के लिए कम समय बचा था। इसके चलते काम शुरू करा दिया गया। काम पूरा होने के बाद टाइल्स लगवा दी जातीं। लेकिन दबाव में लेने के लिए पीडब्ल्यूडी के एई ने मुकदमा दर्ज करा दिया।
सीओ सरधना आरपी साही ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।