Meerut: सात महीने से धरनारत किसानों की चेतावनी, 28 मार्च तक समाधान नहीं तो करेंगे आत्मदाह, ये है मांग
मेरठ के वेदव्यास पुरी में मेडा से मुआवजे की मांग को लेकर 7 महीने से धरने पर बैठे किसानों ने चेतावनी दी है कि 28 मार्च तक समाधान न हुआ तो सामूहिक आत्मदाह करेंगे।
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मेरठ में मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। किसानों का कहना है कि यदि 28 मार्च तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ और चेक वितरित नहीं किए गए तो वे सामूहिक रूप से आत्मदाह करेंगे।
सात महीने से चल रहा धरना
किसान वेदव्यास पुरी स्थित मेरठ मंडपम स्थल पर पिछले सात महीने से धरने पर बैठे हैं। किसानों का कहना है कि वर्ष 2015 में मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के साथ बड़े प्रतिकार और मुआवजे की मांग को लेकर समझौता हुआ था, लेकिन अब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं।
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अधिकारियों से हुई वार्ता
शनिवार को मेडा के एक्सईएन पवन भारद्वाज किसानों से वार्ता करने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को बताया कि मेरठ मंडपम स्थल का कार्य जल्द शुरू किया जाएगा और शासन स्तर पर बड़े प्रतिकार के तहत मुआवजा देने को लेकर बातचीत चल रही है।
किसानों का अल्टीमेटम
किसानों का कहना है कि वे लंबे समय से धरने पर बैठे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उन्होंने साफ कहा कि यदि 28 मार्च तक उनके मुआवजे के चेक वितरित नहीं किए गए तो वे सामूहिक आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। फिलहाल किसानों और अधिकारियों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन समाधान न निकलने पर आंदोलन तेज होने की संभावना जताई जा रही है।