Meerut: पुलिस का अजब कारनामा, जंजीर की जगह बैरिकेडिंग में लगा दी हथकड़ी, खूब वायरल हो रहा वीडियो
मेरठ में पुलिस अपराध के प्रति कितनी मुस्तैद है इसका खुलासा शनिवार को हुआ। यहां हापुड़ अड्डा चौराहे का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें पुलिस ने बैरिकेडिंग में जंजीर के स्थान पर हथकड़ी लगा दी। बता दें कि अपराधी लगातार फरार होते रहे हैं। फिर भी पुलिस ऐसी लापरवाही कर रही है।
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मेरठ में हथकड़ी लगने के बावजूद कई शातिर अपराधी अब तक फरार हो चुके हैं। ऐसे हालात में भी पुलिस ड्यूटी के प्रति गंभीर नहीं है। पुलिस ने अब बैरिकेडिंग में जंजीर की जगह हथकड़ी ही लगा दी है। जी हां, हापुड़ अड्डा चौराहे पर बैरिकेडिंग को जोड़ने के लिए यह हथकड़ी लगा दी गई। सवाल उठ रहा है कि आखिर ऐसा करने का अधिकार पुलिस को किसने दिया है। बैरिकेडिंग पर हथकड़ी का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अधिकारी जांच कराने की बात कह रहे हैं।
हापुड अड्डा आईटीएमएस चौराहा है। यहां यातायात का उल्लंघन होने पर लोगों के चालान सबसे ज्यादा काटे जा रहे हैं। यातायात व्यवस्था के लिए चौराहे पर बैरिकेडिंग लगाई गई है। यातायात पुलिस ने बैरिकेडिंग को एक-दूसरे से जोड़ने के जंजीर की जगह हथकड़ी लगा दी है। बैरिकेडिंग में दो जगह हथकड़ी लगी है।
कचहरी में आरोपी को पेश करने के दौरान पुलिस अक्सर हथकड़ी अपने हाथ में रखती है। वहीं, दूसरी ओर जेल से कचहरी में मुल्जिम को पेश करने के दौरान हथकड़ी लगाई जाती है। हथकड़ी लगी होने पर भी कई बंदी हाथ निकालकर भाग चुके हैं।
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पुलिस के पास 3285 हथकड़ी
पुलिस लाइन प्रभारी (आरआई) मुकेश कुमार ने बताया कि जिले में 3285 हथकड़ी हैं। थाने और पुलिस लाइन में हथकड़ी होती हैं। यातायात पुलिस के पास हथकड़ी और सरकारी असलहें नहीं होते हैं। बैरिकेडिंग पर हथकड़ी नहीं लगा जा सकती। इस मामले में जांच की जाएगी।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक राकेश कुमार का कहना है कि चौधरी चरणसिंह कारागार में 2885 बंदी हैं। जेल से कचहरी में बंदियों को पेश करने के लिए पुलिस लाइन से ड्यूटी लगाई है। पुलिस लाइन से आने वाले पुलिसकर्मी हथकड़ी लेकर आते हैं।
हथकड़ी से हाथ निकालकर भागे आरोपी
- मार्च 2019 में दिल्ली रोड स्थित मुकुट महल से कुख्यात बदनसिंह बद्दो फरार हुआ था। (ढाई लाख का इनामी अभी फरार)
- फरवरी 2019 में जयदेवीनगर नौचंदी निवासी आकाश तोमर फरार हुआ था (मुठभेड़ के बाद हुआ गिरफ्तार)
- सितंबर 2015 में बिलाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी नजाकत उर्फ पप्पू फरार हुआ था। (50 हजार का इनामी, पकड़ा गया)
- जनवरी 2015 में अछरौंडा परतापुर निवासी मोनू फरार हो गया था। (50 हजार का इनाम, अभी फरार)
- अप्रैल 2013 हर्रा सरूरपुर निवासी इरफान फरार हुआ था। (25 हजार का इनाम, अभी फरार)
- फरवरी 2012 में सरधना निवासी विनय उर्फ छोटू फरार हो गया था। (15 हजार का इनाम, अभी फरार)