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मेरठ पुलिस का नया पैंतरा: घटना न खुले तो पीड़ित पर ही दबाव, दो बड़े मामलों के बाद सराफ के यहां डकैती ताजा नमूना

Mon, 04 Jan 2021 12:51 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 04 Jan 2021 12:51 PM IST
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Meerut Police makes Pressure on the victim if the incident does not open
मेरठ पुलिस वाहन - फोटो : अमर उजाला

मेरठ पुलिस पर जब कोई बड़ी घटना नहीं खुलती तो वह अपनी नाकामी छिपाने के लिए पीड़ित पक्ष पर ही संदेह जताने लगती है। पीड़ित पक्ष को दबाव में लेकर पुलिस या तो ठंडे बस्ते में डाल देती है या फिर किसी पर भी वारदात को थोपकर फर्जी खुलासा कर देती है।

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जिसके दोनों हाथ बंधे मिले उसे आत्महत्या बताया
24 फरवरी 2019 को सेंट्रल मार्केट के पास शास्त्रीनगर निवासी मोहित मदान (38) की हत्या कर दी गई थी। घटना के समय मोहित की पत्नी बाहर गई थी। दोनों बेटे गढ़ रोड पर कोचिंग सेंटर गए थे। मोहित उस समय घर पर अकेले थे। व्यापारी की मां जब आईं तो घर का मेन गेट खुला मिला। चोरी का शोर मचने पर आसपास के व्यापारी और पुलिस पहुंची। करीब आधा घंटे की छानबीन के बाद मोहित का शव दूसरी मंजिल पर स्टोर रूम में लटका मिला था।
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मोहित के दोनों हाथ बंधे थे। मुंह में कपड़ा ठुंसा था और टेप चिपकी हुई थी। सेफ का लॉकर खुला था, जिसमें नकदी और ज्वेलरी गायब थी। व्यापारियों ने खूब बखेड़ा किया। लेकिन यह घटना नहीं खुली और बाद में पुलिस ने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि वह तो आत्महत्या थी।
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शास्त्री नगर की डकैती खोलना बना चुनौती
शास्त्री नगर में सराफ के घर 40 लाख की डकैती की वारदात का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। इस वारदात को नौ दिन बीत गए हैं, लेकिन  नौचंदी पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम एक कदम भी नहीं बढ़ सकी। एसटीएफ और सर्विलांस टीम भी 50 से अधिक मोबाइल की सीडीआर खंगालने तक सिमटी है।

बदमाशों ने सराफ तेजपाल वर्मा, उनकी पत्नी शशि और बेटे कपिल को बंधक बनाकर इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया था। इस घटना के खुलासे के लिए सर्विलांस और क्राइम ब्रांच व पुलिस की चार टीमें लगी हैं। वहीं, एसटीएफ अलग से काम कर रही है। एडीजी जोन राजीव सभरवाल पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर जानकारी ले चुके हैं।

लूट का भी खुलासा नहीं
26 अप्रैल 2019 को प्रेम प्रयाग कॉलोनी निवासी प्रवीण वशिष्ठ का मुनीम अंकित मितल निवासी एल-ब्लॉक शास्त्रीनगर, बुलंदशहर स्याना और किठौर से 17.88 लाख रुपये लेकर बाइक से मेरठ लौट रहा था। मेरठ-गढ़ मार्ग स्थित माछरा पुलिस चौकी के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने मुनीम से लूटपाट की थी। बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा और पुलिस पीड़ित पर ही संदेह जताने लगी। मामला अब ठंडे बस्ते में है।

सीडीआर से बात नहीं बनने पर चुप्पी
किसी वारदात की तह तक पहुंचने के लिए मुखबिर तंत्र के साथ ही तकनीक का सहारा लिया जाता है, लेकिन पुलिस इन दोनों मोर्चों पर विफल रही है। पुलिस का मुखबिर तंत्र कमजोर हो चुका है तो तकनीक के नाम पर पुलिस के पास बस मोबाइल की कॉल डिटेल रिपोर्ट की जांच ही बचती है। सीडीआर से कोई कड़ी न जुड़ने पर पुलिस चुप होकर बैठ जाती है।

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