यूपी: नेवले के बालों की तस्करी का पर्दाफाश, मौके से दबोचे गए दो ब्रश कारीगर, पूछताछ में खोलेंगे बड़े राज
Meerut News : नेवले के बालों की तस्करी की सूचना पर पुलिस ने छापामारी की। पुलिस ने छापामारी के दौरान मौके से दो कारीगरों को गिरफ्तार कर लिया है। माना जा रहा है कि पकड़े गए कारीगर पूछताछ में बड़े राज खोलेंगे।
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नेवले के शिकार और उसके बालों की तस्करी के मामले में मेरठ एक बार फिर चर्चाओं में आ गया। लिसाड़ी गेट पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर लौहारपुरा में शमशाद व दिलशाद के मकान पर छापामारी कर नेवले के बालों से ब्रश बनाने वाले दो कारीगरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने मौके से लाखों रुपये का माल बरामद किया है।
लिसाड़ीगेट इंस्पेक्टर जितेंद्र सिंह ने बताया कि रविवार शाम को मुखबिर की सूचना पर लौहारपुरा में शमशाद और दिलशाद के मकान पर छापा मारा। जहां से लाखों रुपये की कीमत के ब्रश व अधबना माल बरामद किया गया, जबकि कारखाना मालिक दोनों भाई मौके से फरार हो गए। इस दौरान पुलिस ने ब्रश बनाने वाले कारीगर अशोक और बबलू को हिरासत में ले लिया और थाने ले आई।
उधर, सीओ कोतवाली अमित कुमार राय का कहना है कि विभाग के अधिकारियों की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।
ब्रश उद्योग का बड़ा नाम
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रश का निर्यात विदेशों तक होता है। प्रतिबंधित प्रजाति नेवले के बालों से बने ब्रशों पर रोक लगाने के लिए पुलिस और वन विभाग की टीम आए दिन छापामारी करती है।
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अंतरराष्ट्रीय बाजार में है कीमत
नेवले के बालों वाले ब्रश को अंतरराष्ट्रीय बाजार में केरबिन नाम से बेचा जाता है। मेरठ में पकड़े गए वन्य जीव तस्करों के पास से पहले भी छापामारी के दौरान कई विदेशी नंबर भी मिले थे। बाजार में नेवले के बालों से बना ब्रश तीन रुपये से लेकर 100 रुपये तक में बेचा जाता है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी मोटी कीमत मिलती है।
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