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Meerut: शहरवासियों को जाम से मिलेगी राहत, मोदीपुरम और परतापुर में बनेंगे रोडवेज बस स्टैंड
Thu, 02 Jun 2022 02:15 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Thu, 02 Jun 2022 02:15 PM IST
सार
मेरठ में कमिश्नर की पहल पर मुख्य सचिव ने बुधवार को इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्रांजिट कॉम्पलेक्स बनाने के निर्देश जारी किए। मोदीपुरम और परतापुर में बनेंगे रोडवेज बस स्टैंड।
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अधिकारियों के साथ बैठक करते कमिश्नर सुरेंद्र सिंह
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मेरठ शहर में जाम का कारण बने भैंसाली बस अड्डे को बाहर किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। आयुक्त सुरेंद्र सिंह की पहल पर बुधवार को मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार ने मोदीपुरम और परतापुर में इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्रांजिट कॉम्पलेक्स बनाने के निर्देश दिए हैं। दोनों जगहों पर बस स्टैंड बनने से शहर में दिल्ली रोड पर जाम की समस्या कम होगी।
मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में बुधवार को भैंसाली बस अड्डे को शहर के बाहर शिफ्ट कराए जाने के लिए उच्च स्तरीय वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक हुई। बैठक में आयुक्त सुरेंद्र सिंह ने मुख्य सचिव को बताया कि भैंसाली बस अड्डा शहर के भीतर घनी आबादी में है।
यह है शहर में जाम का सबसे बड़ा कारण -
यहां से रोजाना 1150 बसें प्रतिदिन दिल्ली रोड से आती-जाती हैं। इन बसों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए 80 सिटी बसें, 25 इलेक्ट्रिक बसें और 20 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा-टेंपो संचालित होते हैं। इनके कारण शहर में जाम की समस्या रहती है।
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यातायात की सुगम व्यवस्था एवं प्रदूषण तथा जाम की रोकथाम के लिए इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्राजिंट कॉम्पलेक्स (आईएमटीसी) का निर्माण कराने की आवश्यकता है। ऐसे में भैंसाली बस स्टैंड को शहर के बाहर मोदीपुरम एवं परतापुर में स्थापित कराया जाए।
इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्राजिंट कॉम्पलेक्स बनाए जाने को स्वीकृति
मुख्य सचिव ने शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्राजिंट कॉम्पलेक्स बनाए जाने को स्वीकृति प्रदान करते हुए निर्देश दिए कि दोनों बस स्टेशन के निर्माण के लिए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई शुरू करें। वहीं कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बस मोदीपुरम और परतापुर में इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्रांजिट कॉम्पलेक्स बनाने के लिए जल्द ही पूरी प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, परिवहन एवं अपर मुख्य सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन, रोडवेज के प्रबंध निदेशक, आयुक्त सुरेंद्र सिंह, डीएम दीपक मीणा, एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश सिंह, एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव, आरटीओ हिमेश तिवारी, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज केके शर्मा एवं एनसीआरटीसी अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
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मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश सरकार दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में बुधवार को भैंसाली बस अड्डे को शहर के बाहर शिफ्ट कराए जाने के लिए उच्च स्तरीय वीडियो कांफ्रेंसिंग बैठक हुई। बैठक में आयुक्त सुरेंद्र सिंह ने मुख्य सचिव को बताया कि भैंसाली बस अड्डा शहर के भीतर घनी आबादी में है।
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यह है शहर में जाम का सबसे बड़ा कारण -
यहां से रोजाना 1150 बसें प्रतिदिन दिल्ली रोड से आती-जाती हैं। इन बसों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए 80 सिटी बसें, 25 इलेक्ट्रिक बसें और 20 हजार से ज्यादा ई-रिक्शा-टेंपो संचालित होते हैं। इनके कारण शहर में जाम की समस्या रहती है।
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यातायात की सुगम व्यवस्था एवं प्रदूषण तथा जाम की रोकथाम के लिए इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्राजिंट कॉम्पलेक्स (आईएमटीसी) का निर्माण कराने की आवश्यकता है। ऐसे में भैंसाली बस स्टैंड को शहर के बाहर मोदीपुरम एवं परतापुर में स्थापित कराया जाए।
इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्राजिंट कॉम्पलेक्स बनाए जाने को स्वीकृति
मुख्य सचिव ने शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्राजिंट कॉम्पलेक्स बनाए जाने को स्वीकृति प्रदान करते हुए निर्देश दिए कि दोनों बस स्टेशन के निर्माण के लिए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई शुरू करें। वहीं कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बस मोदीपुरम और परतापुर में इंटीग्रेटेड मल्टीमॉडल ट्रांजिट कॉम्पलेक्स बनाने के लिए जल्द ही पूरी प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
बैठक में अपर मुख्य सचिव, परिवहन एवं अपर मुख्य सचिव, आवास एवं शहरी नियोजन, रोडवेज के प्रबंध निदेशक, आयुक्त सुरेंद्र सिंह, डीएम दीपक मीणा, एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश सिंह, एसपी ट्रैफिक जितेंद्र श्रीवास्तव, आरटीओ हिमेश तिवारी, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज केके शर्मा एवं एनसीआरटीसी अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।