Meerut: अब हर कारतूस का हिसाब देंगे शस्त्रधारक, पूरा ब्योरा जुटाएगी पुलिस
पहले शस्त्रधारकों के पास मौजूद कारतूसों का सत्यापन नहीं होता था। लेकिन लाइसेंसी शस्त्रधारकाें को अब एक-एक कारतूस का हिसाब देना होगा।
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लाइसेंसी शस्त्रधारकाें को अब एक-एक कारतूस का हिसाब देना होगा। एक साल में कितने कारतूस लिए और कितने इस्तेमाल किए, इसका ब्योरा पुलिस को देना होगा। यदि किसी अपराध में शामिल मिले या अपराधी से मिलीभगत कर कारतूस का अवैध इस्तेमाल किया गया तो लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने वर्ष 2022 में खरीदे गए कारतूसों का सत्यापन शुरू कराया है। एसपी सिटी पीयूष् सिंह और एसपी देहात केशव कुमार को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। जिले में करीब 24000 शस्त्र लाइसेंस हैं।
हर्ष फायरिंग की घटनाएं रोकने और चुनाव या अन्य मौके पर अपराधियों तक कारतूस पहुंचाने वालों पर नकेल कसने के लिए यह सत्यापन किया जा रहा है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने सभी सर्किल के सीओ और थानेदारों को ब्योरा जुटाने के आदेश जारी किए हैं। यदि खर्च किए कारतूसों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई तो इसकी रिपोर्ट के आधार पर लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति तक की जा सकेगी।
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पहले नहीं होता था कारतूसों का सत्यापन
इससे पहले शस्त्रधारकों के पास मौजूद कारतूसों का सत्यापन नहीं होता था। कारतूसों का प्रयोग कौन कैसा कर रहा है, इसके बारे में कोई रिकार्ड पुलिस नहीं रखती थी। अब कारतूसों को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्ती कर दी है। अब थाना स्तर पर शस्त्रधारकों का कारतूसों का रिकार्ड रखा जा रहा है। सभी थानों में इसके लिए रजिस्टर बनाया जा रहा है।
कारतूस खरीदने के भी बदल गए पूरे नियम
कारतूस खरीदने के नियमों में भी बदलाव हुआ है। पहले लाइसेंसधारक को शस्त्र की दुकान से सीधे कारतूस मिल जाते थे, लेकिन अब कारतूस लेने के लिए एक प्रार्थना पत्र संबंधित थाने के नाम शस्त्रधारक को लिखना होगा। यहां से चौकी इंचार्ज और फिर इंस्पेक्टर की रिपोर्ट लगने के बाद सीओ के पास फाइल जाएगी।
सीओ संस्तुति करके संबंधित मजिस्ट्रेट को फाइल भेजेंगे। मजिस्ट्रेट की अनुमति के बाद ही दुकान से कारतूस क्रय कर सकते हैं। यह प्रक्रिया इसी साल से शुरू हुई है।
कारतूस का ब्योरा नहीं देने वाले शस्त्रधारक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी अपराध और अपराधी से संलिप्तता मिलती है तो शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। पुलिस टीमों को कारतूसों का सत्यापन करने के निर्देश दिए गए है। - रोहित सिंह सजवाण, एसएसपी, मेरठ
पीएल शर्मा रोड पर शस्त्राें की 20 से ज्यादा दुकानें
पीएल शर्मा रोड पर शस्त्रों की 20 से ज्यादा दुकानें हैं। यहां जिले के साथ ही वेस्ट यूपी के अन्य जिलों से शस्त्र खरीदने लोग पहुंचते हैं।