फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   meerut news: urea in milk and brick powder in spices found During investigation

सावधान: दूध में पी रहे यूरिया, तो मसालों में ईंट का चूरा खा रहे हैं आप, लैब में सामने आई सच्चाई

Wed, 23 Oct 2019 04:44 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 23 Oct 2019 04:44 PM IST
विज्ञापन
meerut news: urea in milk and brick powder  in spices found During investigation
प्रतीकात्मक तस्वीर

लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। पैसे के लालच में दूध में यूरिया और डिटर्जेंट तक मिलाया जा रहा है। लाल मिर्च में ईंट का चूरा तो हल्दी में डाई कलर की मिलावट हो रही है। घी और तेल भी मिलावट से अछूते नहीं हैं। डीएन कॉलेज की खाद्य पदार्थ परीक्षण लैब में यह सच सामने आया है। इस लैब में दूध में 17 पैरामीटर पर जांच की जा सकती है। शुरुआत में कोई भी व्यक्ति यहां पर आकर खाद्य पदार्थों की नि:शुल्क जांच करा सकता है। 

विज्ञापन


रसायन विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विश्रुत चौधरी ने बताया कि लैब में दूध, खोया, दुग्ध उत्पाद, मसाले, तेल व घी आदि का परीक्षण किया जा सकेगा। दूध में यूरिया, साबुन, एसिड, काली मिर्च में पपीते के बीज, नमक में चॉक पाउडर, हल्दी में डाई वाला कलर तो लाल मिर्च र्में इंटों के चूरन की मिलावट की जाती है। सरसों के तेल में कटैया-तरा का तेल मिलाया जाता है।
विज्ञापन


घी में वनस्पति तेल तथा मसले हूए आलू-स्टार्च की मिलावट होती है। आयोडिन विलियन से नमूने की जांच करने पर अगर नीला रंग आता है तो घी के नमूने में स्टार्च की मिलावट होती है। मंगलवार को छात्रों से जिले भर के विभिन्न जगहों से दूध, तेल और मसाले के एक दर्जन से अधिक नमूने मंगाए गए। इनमें कई जगहों पर मिलावट पाई गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

लोगों में बढ़ेगी जागरूकता
डीएन कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग में इस खाद्य पदार्थ परीक्षण प्रयोगशाला का उद्घाटन आरएसएस के नेता प्रो. दर्शन लाल अरोड़ा,  महाविद्यालय के अवैतनिक मंत्री दयानंद गुप्ता ने किया।

प्राचार्य डॉ. बीएस यादव ने बताया कि प्रयोगशाला में परीक्षण के लिए आवश्यक आधुनिक उपकरण जैसे फोटोफलेममीटर, स्पेक्ट्रोमीटर, सेंटरीफ्यूज मशीन किट सहित, लैक्टोमीटर, दूध व खोया पनीर का परीक्षण करने के लिए सभी उपकरण मौजूद हैं।

लैब की स्थापना से छात्र-छात्राओं के प्रैक्टीकल के साथ ही समाज में लोगों को खाद्य पदार्थ के अपमिश्रण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। डीन डॉ. एसके अग्रवाल ने बताया कि लैब का पूरे जिले के लोगों को लाभ मिलेगा। 

दूध के नमूने 
बागपत रोड :
डिटर्जेंट मिला पाया गया। नमूना फेल 
शास्त्रीनगर : यूरिया और सोडियम बायकार्बोनेट की मिलावट मिली। नमूना फेल। 
रोहटा रोड और दिल्ली रोड : कई जगह दूध के नमूने ठीक मिले।  

मसाले 
लालमिर्च में ईंट का चूरा मिला हुआ पाया गया। 
हल्दी में डाई कलर पाया गया।

चल रही मिट्टी-पानी की जांच 
आरजी कॉलेज के बाद डीएन कॉलेज में खाद्य पदार्थों की यह दूसरी लैब होगी। इस लैब पर करीब साढ़े तीन लाख रुपये का खर्च आया है। लैब में हर खाद्य पदार्थ की जांच पांच से 10 मिनट में हो जाती है। छात्र-छात्राओं को जांच के दौरान बताया गया कि किस तरह से कौन सी जांच होगी।

दूध में लैब में 17 तरह से अलग-अलग जांच हो सकती है। साधारण पानी की मिलावट और तालाब के पानी की मिलावट का सच भी सामने आ सकता है। प्राचार्य डॉ. बीएस यादव ने बताया कि कॉलेज ने जो पांच गांव गोद लिए हुए हैं, वहां पर भी खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed