सुभारती के अधीक्षक की हत्या के दो आरोपियों ने दिल्ली थाने में किया सरेंडर, 25-25 हजार का था इनाम
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मेरठ में संजय गौतम हत्याकांड की पटकथा एक युवती ने लिखी थी। इस युवती ने अपने प्रेमी की बेइज्जती होना बताकर प्रेमी के दोस्तों को अधीक्षक की हत्या करने के लिए उकसाया था। यह बात सोमवार को सीओ ब्रह्मपुरी चक्रपाणि त्रिपाठी ने प्रेस वार्ता में बताई। वहीं, इस हत्याकांड में रविवार को गिरफ्तार पांच आरोपियों को पुलिस ने जेल भेज दिया।
सीओ ने बताया कि पंजाया ब्रह्मपुरी निवासी संजय गौतम (45) पुत्र कृष्ण कुमार सुभारती यूनिवर्सिटी में कार्यालय अधीक्षक थे। जिनकी शनिवार शाम आधा दर्जन से अधिक युवकों ने ईंटों से बेरहमी से कुचलकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के दो आरोपी विनीत निवासी पूठा परतापुर, सागर उर्फ राजपाल निवासी टिमकिया जानी और लक्की निवासी पल्लवपुरम हैं, जो फरार थे। इनमें से दो ने आज सरेंडर कर दिया।
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विवेचना में सामने आया कि विनीत और सागर का सुभारती विवि में आना-जाना था। वे अधीक्षक संजय गौतम को भी जानते थे। करीब एक सप्ताह पहले विवि में सागर और विनीत को एक छात्रा के सामने अधीक्षक संजय ने फटकार लगाते हुए कहा था कि यह कैंपस है और बाहरी युवकों का घूमना मना है। इस पर दोनों ने अपनी बेइज्जती होना समझा।
इसके बाद विनीत ने यह बात अपनी प्रेमिका को बताई थी, जिस पर प्रेमिका ने इस बेइज्जती का बदला लेने की बात कही थी। विनीत ने अपनी प्रेमिका के सहारे पहले विशाल और फिर अन्य दोस्तों को जोड़ा था। शनिवार शाम को विशाल अपने साथियों को लेकर पहुंचा। जहां यह कहा कि बस शिक्षक को सबक सिखाना है।