रैपिड रेल: अपनाएंगे पेरिस मॉडल, मिनटों में पहुंचेगा सामान, जानें क्या है एनसीआरटीसी का प्लान
रैपिड रेल अब आम जरूरतों का सामान भी आसानी से पहुंचा देगी। इसके लिए एनसीआरटीसी ने पूरा प्लान तैयार कर लिया है। खास बात है कि इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने पेरिस मॉडल को शामिल किया है।
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तीन राज्यों को जोड़ने वाली रैपिड रेल आम जरूरतों का सामान भी आसानी से पहुंचा देगी। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने पेरिस मॉडल को शामिल किया है। हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में रैपिड रेल के डिपो बनाए जाएंगे। इन्हीं स्थान पर सामान उतारने के लिए यार्ड बनेगा। इसके बाद यहां से सामान वाहनों के माध्यम से अन्य स्थानों पर भेजा जाएगा। इससे मेरठ से दिल्ली, दिल्ली से हरियाणा के बीच वाहनों की संख्या कम हो जाएगी। पेट्रोल-डीजल की बचत के साथ प्रदूषण भी कम होगा।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम तीन कॉरिडोर का निर्माण कर रहा है। इसमें पहला कॉरिडोर से दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ, दूसरा कॉरिडोर सराय काले खां से पानीपत और तीसरा कॉरिडोर सराय काले खां से अलवर तक है। इसमें सराय काले खां रैपिड रेल ट्रांजिट हब स्टेशन के रूप में शामिल किया गया है। अभी तक यहां सामान के आवागमन में एक से तीन दिन तक लग जाते हैं। इसी राह को आसान करने के लिए एनसीआरटीसी यात्रा सुविधा के साथ-साथ सामान की सप्लाई भी आसान करने की तैयारी की है।
दिल्ली सबसे अधिक प्रदूषित राजधानी
एनसीआरटीसी द्वारा वर्ष -2018 के दिए गए आंकड़ों में विश्व में राजधानी में पहले स्थान प्रदूषित होने के मामले में दिल्ली का स्थान है। यहां पीएम 2.5 का स्तर 114 है। इसके बाद कोलकाता, हैदराबाद, बीजिंग, आबूधाबी, लंदन और मनीला शामिल हैं। दिल्ली में व्यावसायिक वाहनों से 41 प्रतिशत प्रदूषण का उत्सर्जन होता है।
ये है एनसीआरटीसी का प्लान
हरियाणा रूट पर डिपो - पानीपत, मुर्थल
राजस्थान रूट पर डिपो - धारूहेड़ा
दिल्ली में डिपो- जंगपुरा सेंटर
उत्तर प्रदेश में डिपो - दुहाई और मोदीपुरम
ये है पेरिस मॉडल
फ्रांस की राजधानी पेरिस में बर्सी शहर से कॉम्बस लॉ विले तक 30 किमी में आम जरूरतों के सामान को रीजनल ट्रेन सर्विस के माध्यम से पहुंचाया जाता है। ये ट्रेन 140 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलती है। एक दिन में एक ही ट्रेन का संचालन सामान के आवागमन के लिए किया जाता है। इसमें 16 मालवाहक कोच लगे होते हैं। इसके माध्यम से बंद बोतल लिक्विड, घर की जरूरत का सामान भेजा जाता है। स्टेशन तक सामान भेजने के बाद सीएनजी ट्रकों के माध्यम से सप्लाई की जाती है। इस मॉडल पर सफलता पूर्व संचालन जारी है। इसी को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने अपने प्रोजेक्ट में मॉडल पर स्टडी की है।