फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut News: Rain system is not developing in Western UP

खास रिपोर्ट: ग्लोबल वार्मिंग की मार, गर्मी बेशुमार, जानें क्या है बारिश न होने के कारण

Fri, 13 Sep 2019 05:14 PM IST
कपिल kapil मोहित कुमार, अमर उजाला, मोदीपुरम, मेरठ
मोहित कुमार, अमर उजाला, मोदीपुरम, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 13 Sep 2019 05:14 PM IST
विज्ञापन
Meerut News: Rain system is not developing in Western UP
बरसात - फोटो : amar ujala

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश का सिस्टम डेवलप नहीं हो रहा है। इस सितंबर माह में अधिकतम व न्यूनतम तापमान का 15 साल का रिकॉर्ड टूटा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण के लगातार बढ़ते प्रभाव से ऐसा हो रहा है। 15 सितंबर तक हल्की बारिश के आसार बने हैं।

विज्ञापन


इस सीजन में भले ही बारिश सामान्य से अधिक हुई हो। इसके बावजूद उमस भरी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। दिन निकलते ही उमस लोगों को बेचैन कर रही है। मौसम विभाग के मुताबिक फिलहाल गर्मी का यह दौर ऐसा ही बना रहेगा। इस बार सितंबर माह सामान्य से अधिक गर्म चल रहा है। सितंबर माह में 1 से 11 तारीख तक दर्ज किए आंकड़ों के अनुसार अभी तक अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक और न्यूनतम 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया है। वहीं, 12 सितंबर को न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री रहा जो सामान्य से दो डिग्री ज्यादा रहा।
विज्ञापन


मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऐसा सिस्टम डेवलप नहीं हो रहा है जो बादलों में बदलकर बारिश करा सके। पूर्वी और पर्वतीय इलाकों में जरूर बारिश हो रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: यूपी: मूसलाधार बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त, खतरे के निशान तक पहुंची यमुना, तटवर्ती गांवों में अलर्ट

यह स्थानीय असर
उमस भरी गर्मी का कारण ग्लोबल वार्मिंग के लोकल असर को माना जा रहा है। सितंबर माह का सामान्य तापमान अधिकतम 33.7 डिग्री सेल्सियस होना चाहिए, लेकिन यह 34.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी तरह न्यूनतम तापमान 24.2 होना चाहिए। लेकिन यह 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है।

हवा से मिली थोड़ी राहत
गुरुवार को दिन में हवा चलने से थोड़ी राहत रही। बुधवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री पहुंच गया था, जो गुरुवार को 3 डिग्री गिरकर 33.4 डिग्री दर्ज किया गया। सुबह बादल छाए हुए थे। लेकिन दोपहर होते-होते बादल छंट गए। 

बारिश न होने के कारण
- तालाब या तो गायब हो चुके हैं या सूख चुके हैं
- हरियाली कहीं-कहीं ही दिखाई दे रही है
- शहर के बाहरी इलाकों में जंगल खत्म हो रहे हैं
- बारिश के पानी का संचय नहीं किया जा रहा है
- वायु और जल प्रदूषण बेहिसाब बढ़ रहा है

पिछले 15 वर्षों           का तापामान
अधिकतम तापमान 

2005                  32.9 
2010                  33.3
2015                  34.6
2017                  33.1
2018                  32.1
2019 (11 सितंबर) 36.0
 (12 सितंबर) 33.4

न्यूनतम तापमान
2005                  24.1 
2010                  23.5 
2015                  23.7
2016                  24.6
2017                  23.8
2018                 24.4 
2019                  25.4
(2 सितंबर से 11 सितंबर तक ) 

बढ़ता तापमान सही नहीं
मौसम पर प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग का असर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले पंद्रह सालों की तुलना में इस बार सितंबर माह में गर्मी बहुत ज्यादा है। औसतन तापमान में 1.1 डिग्री की बढ़ोतरी हुई है। - डॉ. एन सुभाष, मौसम वैज्ञानिक

नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed