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मेरठ: अमर उजाला की खबर का असर, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर धंसी सड़क को ठीक कराने में जुटे अधिकारी
Sat, 22 May 2021 01:23 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: कपिल kapil
Updated Sat, 22 May 2021 01:23 PM IST
सार
मेरठ में पहली बारिश से ही दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की पोल खुल गई। बारिश होने से सड़क धंस गई थी। अमर उजाला में यह खबर प्रमुखता से प्रकाशित की गई। इसके बाद एक्सप्रेस-वे पर कार्य शुरू हो गया है।
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दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर सड़क ठीक करते कर्मचारी।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
मेरठ में अमर उजाला द्वारा प्रकाशित की गई खबर का असर देखने को मिला है। अधिकारियों ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर कार्य शुरू करा दिया है। वहीं टीम शनिवार सुबह से ही जेसीबी लेकर धंसी हुई सड़क को ठीक करने में जुटी हुई है।
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पहली बारिश में खुली पोल
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। पहली बारिश में ही एक्सप्रेसवे में दरार पड़ गई। बारिश के कारण सड़क किनारे की मिट्टी में कटान हो गया। इस कारण कई जगह सड़क धंस गई है। सूचना पर जीआर इंफ्रा के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर ने संज्ञान लिया और 70 श्रमिकों की टीम को मरम्मत कार्य में लगा दिया।
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बारिश से बहादरपुर अंडरपास से लेकर कुशलिया तक कई जगहों पर किनारे की नालियां बह गईं। मिट्टी बह जाने के कारण जगह सड़क भी धंस गई। टोल प्लाजा से 20 मीटर की दूरी पर बने धर्म कांटे के पास सड़क बैठ गई है। दूसरी ओर मुरादाबाद के पास से 20 मीटर की सड़क किनारे बना डिवाइडर भी बारिश के पानी के साथ बह गया, जिसके कारण सड़क खोखली हो गई है।
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बारिश से बचाव के लिए बनाया था सूटडैन
मिट्टी कटान से बचाव के लिए सूटडैन का निर्माण किया गया था। पिछले दो दिन से हो रही तेज बारिश के कारण हाईवे के दोनों ओर लगाई गई सूटडैन की नालियां काम नहीं आ सकीं। नालियों के बराबर में लगी मिट्टी पानी के साथ बह गई, जिसके चलते खेतों में लगी फसलें भी मिट्टी के बहाव मे दब गईं। मिट्टी के भारी बहाव के चलते सर्विस रोड बंद हो गई। जिसके चलते किसान भी अपने खेतों में नही जा सकते है। सबसे बड़ी बात ये है कि अगर कोरोना कर्फ्यू न होता तो एक्सप्रेसवे पर वाहनों को रोककर कार्य किया जाता। लेकिन वाहनों की संख्या कम होने के कारण कार्य की रफ्तार बढ़ा दी गई है।
तेजी से चल रहा मरम्मत कार्य
मिट्टी कटान होने से सड़क में दरार आ गई है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होने के कारण मिट्टी दलदल ज्यादा है। हालांकि, हमने एक दिन पहले ही मोर्चा संभालते हुए 70 कर्मचारियों को लगा दिया था। किसी भी वाहन को कोई दिक्कत नहीं आएगी। हमने उस स्थान को कवर कर दिया है। - मनोज बैरवा, डिप्टी मैनेजर, जीआर इंफ्रा