Stories: स्टडी रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, पति नहीं जताते प्यार... महिलाएं हो रहीं तनाव की शिकार
कुछ महिलाओं की कहानियां सुनकर अधिकारी भी हैरान हैं। महिलाओं के तनाव में रहने की बड़ी वजह सामने आई है और पतियों पर लगा बड़ा इल्जाम। एक स्टडी में यह खुलासा हुआ है।
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विस्तार
जिन महिलाओं के पति प्यार का इजहार खुलकर नहीं करते हैं, वे महिलाएं तनाव (डिप्रेशन) का शिकार हो रही हैं। मेरठ के पीएल शर्मा जिला महिला अस्पताल के मन कक्ष में एक जनवरी 2022 से 15 मई 2022 तक आईं एक हजार महिलाओं पर हुई स्टडी में यह खुलासा हुआ है। महिलाएं पति से अपनेपन की उम्मीद रखती हैं।
ये महिलाएं सिर दर्द, अनिंद्रा, तनाव, आत्महत्या का विचार आना, हर वक्त दिल बुझा-बुझा रहता है, जैसी समस्याएं लेकर आईं। काउंसिलिंग के दौरान पता चला कि पति से इनके रिश्ते ज्यादा मजबूत नहीं हैं। पति उन्हें ज्यादा तवज्जोह नहीं देते। घर में कलह रहती है, जिस कारण ये तमाम परेशानियां हो रही हैं। काउंसिलिंग के दौरान पतियों को भी बुलाया गया। उन्हें समझाया गया कि घबराहट, अनिंद्रा और तनाव का बड़ा कारण दंपती के रिश्तों में तल्खी और व्यवहार भी है। काउंसिलिंग और इलाज के साथ-साथ व्यवहार में सुधार करें।
पति के दो मीठे बोल कम कर सकते हैं तनाव
जिला अस्पताल की क्लिनिकल साइक्लोजिस्ट डॉ. विभा नागर ने बताया कि दंपती में हंसी मजाक, प्यार का इजहार होना चाहिए। महिलाएं कुदरती तौर पर ज्यादा संवेदनशील होती हैं, लिहाजा उन्हें न सिर्फ प्यार बल्कि उसका इजहार भी सुकून देता है। महिलाओं को समझाया गया है कि बहुत कम पुरुष अपनी भावनाएं खुलकर बता पाते हैं, इसलिए उन्हें भी समझने की कोशिश करें।
परिवार का सहयोग जरूरी
जिला अस्पताल के मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेंद्र किशोर ने बताया कि महिलाओं में एडजस्टमेंट डिसऑर्डर (समायोजन मनोविकार) की समस्या बढ़ रही है। ओपीडी में अधिकतर महिलाओं में इसी तरह की समस्या सामने आ रही है। ऐसी महिलाओं को ठीक करने के लिए परिवार और दोस्तों के सहयोग की भी जरूरत पड़ती है।
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मनोचिकित्सकों की यह है सलाह
- समय पर सोना, जागना, खाना-पीना और व्यायाम करें
- मनपसंद काम जो समय न मिलने या कलह के कारण न कर पाए हों, वह करें
- अपनी भावनाओं को जाहिर करें। अगर डर, उदासी है तो अपने अंदर छुपाएं नहीं बल्कि परिजनों या दोस्तों को बताएं
- जितना हो पॉजिटिव सोचें। बुरे वक़्त में भी अच्छे पक्षों पर गौर करें
केस स्टडी -1
घंटाघर की रहने वाली एक महिला नींद न आने और रोने का मन करने की शिकायत लेकर जिला अस्पताल आई थी। मन कक्ष में उसकी काउंसिलिंग की गई तो पता चला कि पति ज्यादा बात नहीं करता है, जिससे उसे नींद कम आती है। अपने भविष्य को लेकर सोचती रहती है और डिप्रेशन की शिकार हो गई है।
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केस स्टडी-2
दिल्ली रोड की रहने वाली एक घरेलू महिला जिला अस्पताल आई। वह सिरदर्द और मानसिक रूप से तनाव में थी। काउंसिलिंग में पता चला कि उसका पति दोस्तों में ज्यादा रहता है, पत्नी से ज्यादा वास्ता नहीं रखता, जिससे वह परेशान रहती है।