{"_id":"05cffa88fb3002397df6eb3ac2befeed","slug":"meerut-news-hindi-news-81","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुछ कॉलेजों पर मेहरबानी, कुछ खा रहे धक्के","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुछ कॉलेजों पर मेहरबानी, कुछ खा रहे धक्के
ब्यूरो/अमर उजाला मेरठ
Updated Mon, 08 Feb 2016 02:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेल्फ फाइनेंस कोर्स के मामले में सीसीएसयू कुछ कॉलेजों पर मेहरबानी कर रही है तो कुछ अपनी जायज मांग को लेकर धक्के खा रहे हैं।
विवि कई कॉलेजों के सीधे एडमिशन करने के बाद परीक्षा कराने की मंजूरी दे चुका है।जबकि मान्यता मिलने के बाद रजिस्ट्रेशन के माध्यम से छात्र मांगने वाले कॉलेज रोज विवि के चक्कर लगा रहे हैं।
बीएससी नर्सिंग के कॉलेजों का सत्र नवंबर से चलता है। सीसीएसयू से संबद्ध पांच कॉलेजों को मान्यता का पत्र दो नवंबर को मिला। तब से लेकर अब तक कॉलेज विवि से रजिस्ट्रेशन कराने की मांग कर रहे हैं।
पिछले दिनों हुई परीक्षा समिति की बैठक में कुछ सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को सीधे एडमिशन करने के बावजूद परीक्षा कराने की अनुमति दे दी। कुछ को मना भी किया। बिना रजिस्ट्रेशन के एडमिशन नहीं होता, बावजूद इसके विवि खुद का नियम अपने सुविधा के हिसाब से तोड़ता रहा है।
विज्ञापन
बीएससी नर्सिंग के कॉलेज विवि से कह रहे हैं कि उनके रजिस्ट्रेशन करा दिए जाएं, उन्हें अनुमति नहीं मिल रही। सूत्रों के मुताबिक कॉलेजों से कहा जा रहा है कि उन्होंने एडमिशन पहले से कर रखे हैं।
जबकि विवि रजिस्ट्रेशन के बाद अपने हिसाब से छात्र भेज सकता है। मामले में अभी कॉलेज और विवि के बीच पटरी नहीं बैठ रही। इसी तरह अल्पसंख्यक कॉलेजों की परीक्षा में भी पेच फंसा हुआ है।
विज्ञापन
विवि कई कॉलेजों के सीधे एडमिशन करने के बाद परीक्षा कराने की मंजूरी दे चुका है।जबकि मान्यता मिलने के बाद रजिस्ट्रेशन के माध्यम से छात्र मांगने वाले कॉलेज रोज विवि के चक्कर लगा रहे हैं।
बीएससी नर्सिंग के कॉलेजों का सत्र नवंबर से चलता है। सीसीएसयू से संबद्ध पांच कॉलेजों को मान्यता का पत्र दो नवंबर को मिला। तब से लेकर अब तक कॉलेज विवि से रजिस्ट्रेशन कराने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन
पिछले दिनों हुई परीक्षा समिति की बैठक में कुछ सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को सीधे एडमिशन करने के बावजूद परीक्षा कराने की अनुमति दे दी। कुछ को मना भी किया। बिना रजिस्ट्रेशन के एडमिशन नहीं होता, बावजूद इसके विवि खुद का नियम अपने सुविधा के हिसाब से तोड़ता रहा है।
विज्ञापन
बीएससी नर्सिंग के कॉलेज विवि से कह रहे हैं कि उनके रजिस्ट्रेशन करा दिए जाएं, उन्हें अनुमति नहीं मिल रही। सूत्रों के मुताबिक कॉलेजों से कहा जा रहा है कि उन्होंने एडमिशन पहले से कर रखे हैं।
जबकि विवि रजिस्ट्रेशन के बाद अपने हिसाब से छात्र भेज सकता है। मामले में अभी कॉलेज और विवि के बीच पटरी नहीं बैठ रही। इसी तरह अल्पसंख्यक कॉलेजों की परीक्षा में भी पेच फंसा हुआ है।