{"_id":"2afb07fe324d0a07ef02604cec923631","slug":"meerut-news-hindi-news-209","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहायक कुलसचिव का मामला पहुंचा राजभवन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहायक कुलसचिव का मामला पहुंचा राजभवन
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Thu, 03 Mar 2016 02:26 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में विधिक समिति द्वारा धोखाधड़ी का मामले का खुलासा होने पर मामला राजभवन तक पहुंच गया है। बिलों में मिली 16 लाख रुपये की गड़बड़ी के मामले में कुलपति के निर्देश पर ऑफिस को सील कर दिया गया था।
कृषि विवि में सहायक कुलसचिव देवेंद्र यादव द्वारा 16 लाख 78 हजार रुपये के अग्रिम भुगतान में की गई गड़बड़ी का मामला राजभवन पहुंच गया है। पूर्व में हुई वित्त समिति और प्रबंध समिति की बैठक में अग्रिम भुगतान का मुद्दा उठा था।
इस पर प्रबंध समिति ने सभी का समायोजन करने के निर्देश दिए थे। समायोजन के दौरान सहायक कुलसचिव पर बकाया निकलने पर उनका जनवरी माह का वेतन रोक दिया गया। इसके बाद उन्होंने वित्त नियंत्रक को छह बिल दिए, जो 16 लाख 78 हजार 297 रुपये की राशि के थे।
विज्ञापन
वित्त नियंत्रक सतेंद्र कुमार को प्रथम दृष्टया जांच में गड़बड़ी मिली। मामले में कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा ने के निर्देश पर ऑफिस को सील किया जा चुका है, लेकिन अभी तक जांच कमेटी का गठन नहीं हुआ है। विवि में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
नए कुलपति के समक्ष रखा जाएगा मामला
मोदीपुरम। सहायक कुलसचिव डीएस यादव के बिलों में मिली गड़बड़ी का मामला अब नए कुलपति के दरबार में पहुंचेगा। बुधवार को राज्यपाल राम नाइक ने विवि में नए कुलपति के रूप में डा. गया प्रसाद की नियुक्ति कर दी है। ज्वाइनिंग के बाद यह मामला उनके समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।
विज्ञापन
कृषि विवि में सहायक कुलसचिव देवेंद्र यादव द्वारा 16 लाख 78 हजार रुपये के अग्रिम भुगतान में की गई गड़बड़ी का मामला राजभवन पहुंच गया है। पूर्व में हुई वित्त समिति और प्रबंध समिति की बैठक में अग्रिम भुगतान का मुद्दा उठा था।
विज्ञापन
इस पर प्रबंध समिति ने सभी का समायोजन करने के निर्देश दिए थे। समायोजन के दौरान सहायक कुलसचिव पर बकाया निकलने पर उनका जनवरी माह का वेतन रोक दिया गया। इसके बाद उन्होंने वित्त नियंत्रक को छह बिल दिए, जो 16 लाख 78 हजार 297 रुपये की राशि के थे।
विज्ञापन
वित्त नियंत्रक सतेंद्र कुमार को प्रथम दृष्टया जांच में गड़बड़ी मिली। मामले में कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा ने के निर्देश पर ऑफिस को सील किया जा चुका है, लेकिन अभी तक जांच कमेटी का गठन नहीं हुआ है। विवि में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
नए कुलपति के समक्ष रखा जाएगा मामला
मोदीपुरम। सहायक कुलसचिव डीएस यादव के बिलों में मिली गड़बड़ी का मामला अब नए कुलपति के दरबार में पहुंचेगा। बुधवार को राज्यपाल राम नाइक ने विवि में नए कुलपति के रूप में डा. गया प्रसाद की नियुक्ति कर दी है। ज्वाइनिंग के बाद यह मामला उनके समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।