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गनर पाने के लिए हाईकमान की परिक्रमा
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 18 Jan 2016 01:53 AM IST
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अपनी सत्ता होते हुए भी गनर का रुतबा न मिले तो क्या फायदा। इसी सोच के चलते सपाइयों ने एक बार फिर हाईकमान की परिक्रमा करनी शुरू कर दी है। जिले के पुलिस अफसरों की अनदेखी की शिकायत कई सपाइयों ने तो लखनऊ में जाकर की है। रविवार को एक सपा नेता ने अपनी सुरक्षा बढ़ाने के लिए एसएसपी से फोन पर भी बात की।
गनर लेकर अपना रुतबा कायम रखने के लिए कई सपा नेताओं की आपस में भी रार शुरू हो गई हैं। कई सपा नेताओं पर जहां एक गनर है तो कुछ नेता तीन-तीन गनर लिए हुए हैं। जिसको लेकर लगातार सपाई लखनऊ में भी चक्कर काट रहे हैं। किसी को गनर नहीं मिला तो किसी के गनर की संख्या घटा दी गई। जिले के पुलिस अफसरों की ऐसी शिकायतें आला नेताओं से की जा रही हैं। हाल ही में एक नेता ने लखनऊ में सपा के वरिष्ठ नेताओं से पुलिस के आला अधिकारी की भी शिकायत की है।
सबसे ज्यादा वह सपा नेता हैं, जिनके गनरों की संख्या घटाई गई है। पूर्व में एसएसपी रह चुके के. सत्यनारायणा, ओंकार सिंह, सुभाष बघेल के कार्यकाल में सपा नेताओं ने गनर लेकर अपनी राजनीति भी चमकाई। लेकिन एसएसपी दिनेश चंद दूबे के आने के बाद सपा नेताओं के गनरों पर कैंची चलनी शुरू हो गई हैं। डीसी दूबे के समय में करीब आठ माह में गनर हटाने का शतक लग चुका है। जिनमें सबसे अधिक सपाइयों के हैं।
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एसएसपी का कहना है कि नियमानुसार गनर दिए गए हैं। सपा के जिन नेताओं और मंत्रियों पर एक से अधिक गनर हैं, वह शासन स्तर के आदेश पर दिए गए हैं।
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गनर लेकर अपना रुतबा कायम रखने के लिए कई सपा नेताओं की आपस में भी रार शुरू हो गई हैं। कई सपा नेताओं पर जहां एक गनर है तो कुछ नेता तीन-तीन गनर लिए हुए हैं। जिसको लेकर लगातार सपाई लखनऊ में भी चक्कर काट रहे हैं। किसी को गनर नहीं मिला तो किसी के गनर की संख्या घटा दी गई। जिले के पुलिस अफसरों की ऐसी शिकायतें आला नेताओं से की जा रही हैं। हाल ही में एक नेता ने लखनऊ में सपा के वरिष्ठ नेताओं से पुलिस के आला अधिकारी की भी शिकायत की है।
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सबसे ज्यादा वह सपा नेता हैं, जिनके गनरों की संख्या घटाई गई है। पूर्व में एसएसपी रह चुके के. सत्यनारायणा, ओंकार सिंह, सुभाष बघेल के कार्यकाल में सपा नेताओं ने गनर लेकर अपनी राजनीति भी चमकाई। लेकिन एसएसपी दिनेश चंद दूबे के आने के बाद सपा नेताओं के गनरों पर कैंची चलनी शुरू हो गई हैं। डीसी दूबे के समय में करीब आठ माह में गनर हटाने का शतक लग चुका है। जिनमें सबसे अधिक सपाइयों के हैं।
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एसएसपी का कहना है कि नियमानुसार गनर दिए गए हैं। सपा के जिन नेताओं और मंत्रियों पर एक से अधिक गनर हैं, वह शासन स्तर के आदेश पर दिए गए हैं।