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शादी अनुदान में फर्जीवाड़े का निकाह
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 19 Feb 2016 02:03 AM IST
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सरकारी अनुदान का लाभ लेने के लिए लोग न जाने क्या-क्या तिकड़म भिड़ा रहे हैं। कहीं बेटियों की शादी दोबारा दिखाई जा रही है तो कहीं नियमों को तोड़ मरोड़कर अनुदान के लिए आवेदन किया जा रहा है। जानी खुर्द में 30 और सिवालखास में 15 जुड़वां बेटियों का निकाह एक साथ एक ही माह में करने का दावा करते हुए शादी अनुदान के लिए आवेदन किया गया है। मामला संदिग्ध पाए जाने पर ऐन मौके पर सभी का भुगतान रोककर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही 61 अन्य ऐसे मामलों में अनुदान रोका गया है, जो फर्जी पाए गए हैं।
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यह है शादी अनुदान योजना
प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक वर्ग की लड़कियों की शादी के लिए दस हजार रुपये अनुदान रखा है। यह अनुदान एक पिता की दो पुत्रियों की शादी पर दिया जा सकता है। इससे ज्यादा पर नहीं। नियम यह भी है कि जिस साल शादी हो उसकी साल आवेदन करना होगा। हर सूरत में शादी करने से पहले आवेदन करना होगा। वित्तीय वर्ष समाप्त होने तक यदि शासन से इस बाबत पैसा उपलब्ध नहीं है तो आवेदन निरस्त माना जाएगा। जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग इस प्रक्रिया को पूरी कराता है।
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आय का है नियम
ग्रामीण क्षेत्र में जिस परिवार की आय 19 हजार 884 रुपये सालाना से कम और शहरी क्षेत्र में जिस परिवार की आय 25 हजार 546 रुपये से कम है तो उसे ही इस योजना का लाभ दिया जा सकता है। इसके लिए तहसील से आय प्रमाणपत्र बनवाना पड़ता है। तहसील या अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से इसकी जांच भी हो सकती है।
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यह हुआ गड़बड़झाला
वित्तीय वर्ष 2015-16 समाप्त होने को है। जिसमें ऐसे ही प्रकरणों की जांच की जा रही है। गांव जानी खुर्द में संदिग्ध मामले सामने आए हैं। अगस्त माह में यहां 15 लोगों ने अपनी पुत्री के निकाह करने की बात कहते हुए अनुदान के लिए आवेदन किया। दिलचस्प बात यह है कि सभी ने बताया कि उन्होंने अपनी जुड़वा पुत्रियों की शादी की है। यानी यहां 30 लड़कियों की शादी हुई। इसी माह सिवालखास में भी चार लोगों ने ऐसा दावा किया है। यानी यहां कुल आठ लड़कियों की शादी हुई। मामला संदिग्ध देखते हुए तत्काल भुगतान रोक दिया गया है और जिला विकास अधिकारी को इसकी जांच सौंपी गई है।
61 मामले पूरी तरह से फर्जी
मवाना तहसील में 13 ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें लड़कियों की शादी हो चुकी थी और अनुदान भी दिया जा चुका था। लेकिन फिर से उन्हीं लड़कियों की शादी के लिए अनुदान के लिए आवेदन कर दिया गया। ऐसे सभी आवेदन निरस्त कर दिए गए हैं। जिले में 48 ऐसे मामले पकड़े गए हैं जिनमें दो बेटियों की शादी के लिए अनुदान दिया जा चुका है। अब तीसरी बेटी की शादी के लिए अनुदान मांगा गया, जो नियमानुसार नहीं दिया जा सकता है।
सरकारी सक्रियता से पकड़ा खेल
इन सभी को भुगतान हो ही जाता पर सरकारी मुलाजिमों की सक्रियता से खेल पकड़ में आ गया। पेमेंट से ऐन पहले स्क्रूटनी की गई तो सारे संदिग्ध केस उजागर हो गए। अब जिलाधिकारी पंकज यादव के निर्देश पर इन प्रकरणों की जांच जिला विकास अधिकारी अतुल मिश्रा को सौंपी गई है।