नई तैयारी : पव्वे की जगह अब टेट्रा पैक में मिलेगी देसी शराब, इस वजह से लिया गया फैसला
मेरठ की बात करें तो हर महीने 10 लाख लीटर देसी शराब की यहां खपत है। वर्तमान में 50 लाख पव्वे सप्लाई किए जा रहे हैं। इसमें कुछ मात्रा ‘टेट्रा पैक’ की भी बताई गई है।
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आबकारी विभाग शराब तस्करों को चौतरफा घेरने की तैयारी कर रहा है। अब ‘टेट्रा पैक’ के माध्यम से लीकर प्रोडक्शन से जुड़े शराब तस्करों के ‘चक्रव्यूह’ को भेदने की तैयारी है। खासबात यह है कि पर्यावरण के लिहाज से भी इस नई व्यवस्था को कारगर माना जा रहा है, जिसे जल्द ही शुरू करने की बात कही जा रही है।
मेरठ जनपद में हर महीने देसी शराब की बड़ी खपत होती है। करीब 10 लाख लीटर देसी शराब की यहां सप्लाई की जाती है। जनपद की दौराला डिस्टलरी के अलावा वेव अलीगढ़, सिंभावली हापुड़ और मंसूरपुर से शराब की सप्लाई होती है।
पिछले दिनों प्रदेश में कई जगह अवैध देसी शराब के खेल का भंडाफोड़ हुआ। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि पव्वों के रूप में मिलने वाली देसी शराब की पैकिंग की नकल करना आसान होता है। इसलिए देसी शराब भी टेट्रा पैक में उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
हर महीने सप्लाई होंगे 50 लाख टेट्रा पैक
मेरठ की बात करें तो हर महीने 10 लाख लीटर देसी शराब की यहां खपत है। वर्तमान में 50 लाख पव्वे सप्लाई किए जा रहे हैं। इसमें कुछ मात्रा ‘टेट्रा पैक’ की भी बताई गई है। शासन के निर्देश हैं कि पव्वों का प्रयोग खत्म कर टेट्रा पैक को ही बढ़ावा दिया जाए। संभावना है कि जल्द ही हर महीने करीब 50 लाख ‘टेट्रा पैक’ जनपद में सप्लाई होने लगेंगे।
हर तरीके को विफल करते रहे हैं तस्कर
अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए जो भी तरीके अपनाए गए, उन्हें तस्करों ने फेल किया है। पेटी के ऊपर बार कोड और पव्वों के ऊपर क्यूआर कोड लगाए गए, लेकिन यह भी नकली बनने लगे। खाली पव्वों से लेकर कंपनी के रैपर व क्यूआर कोड जुटाना तस्करों के लिए आसान भी रहा।
देसी शराब टेट्रा पैक के माध्यम से बाजार में उतारने की तैयारी है। संभावना है कि इससे अवैध रूप से शराब की बिक्री पर भी काफी हद तक अंकुश लगेगा। -आलोक कुमार, जिला आबकारी अधिकारी