बैंकिंग-टेलीकॉम से लेकर ऑटोमोबाइल तक, नए साल में अनिवार्य हो जाएंगे कई नियम, सुविधाएं भी बढ़ेंगी
- बैंकिंग, निवेश, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, परिवहन विभाग में लागू होंगे नए नियम, सुविधाएं भी बढ़ेंगी
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विस्तार
साल 2021 की शुरुआत से ही कई नए नियम अनिवार्य रूप से लागू होने जा रहे हैं। कुछ नियमों के बारे में लोगों को पहले से ही जागरूक किया जा रहा है। बैंकिंग, निवेश, म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस, टेलीकॉम, ऑटोमोबाइल, परिवहन आदि विभागों में होने वाले बदलावों का लोगों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
पॉजिटिव पे सिस्टम
आरबीआई चेक से धोखाधड़ी की घटनाएं रोकने के लिए पहली जनवरी से पॉजिटिव पे सिस्टम की शुरुआत कर रहा है। कुछ बैंकों में इसकी शुरुआत हो गई है। 50 हजार से ज्यादा के चेक पर एसएमएस, बैंक के एप या इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से अकाउंट नंबर जैसी जानकारियों को बैंक से सत्यापित कराना होगा।
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अब उपभोक्ताओं को 24 घंटे आरटीजीएस की सुविधा मिलेगी। कुछ बैंक इस सुविधा को एक जनवरी से शुरू करेंगे। इसमें दो लाख से ज्यादा रकम ट्रांसफर की जा सकेगी। इससे कम रकम का एनईएफटी से लेनदेन होगा। एनईएफटी पर एक जनवरी से शुल्क हटाने की तैयारी है। वाईफाई डेबिट/क्रेडिट कार्ड से भुगतान की सीमा पांच हजार कर दी जाएगी।
डिजिटल डीएल-आरसी मान्य
अब डिजिटल लॉकर या एम परिवर्तन जैसे एप में सुरक्षित ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी दिखाई जा सकती है। बीमा नियामक संस्था इरडा ने नई कार का एकमुश्त तीन साल का और बाइक का पांच साल का बीमा लेने का नियम वापस ले लिया है।
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आयकर नियमों में बदलाव
आयकर की नई व्यवस्था के तहत सभी प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी गई हैं। म्यूचुअल फंड के लाभांश पर भी अब टैक्स देना होगा। जीएसटी में 5 करोड़ से कम आय वालों को हर माह रिटर्न भरने की जरूरत नहीं होगी।
2021 में अनिवार्य हो जाएंगी ये सेवाएं
- टोल प्लाजा पर शुल्क का भुगतान फास्टैग से की किया जा सकेगा। कैश लेन बंद होंगी
- सेबी ने ब्रोकरेज नियमों में छूट दी है। शेयरों को अगले दिन कुछ शर्तों के साथ ही बेचा जा सकेगा
- आयकर विभाग चेरिटेबल ट्रस्ट के धर्मार्थ कार्यों की जांच करेगा। नए सिरे से संस्थाओं का पंजीकरण होगा
- यूलिप पॉलिसी में रिवाइवल समय दो की जगह तीन साल होगा। विशेष परिस्थिति में पॉलिसी का 25 प्रतिशत धन पांच साल बाद निकाला जा सकेगा
- ईपीएफ में 12 प्रतिशत अंशदान होता है। अब कर्मचारी इसे कम कर सकता है
- एटीएम से लेनदेन में निकासी के समय ओटीपी की सुविधा लागू होगी
- लैंडलाइन से मोबाइल पर कॉल करने पर शून्य लगाना जरूरी होगा