Merry Christmas: रंगीन रोशनी में नहाए चर्च, गूंजे कैरल, पश्चिमी यूपी में ऐसी दिखी क्रिसमस की रौनक
मेरठ के सरधना स्थित ऐतिहासिक चर्च की रौनक क्रिसमस पर देखते ही बनती है। इस बार कोरोन महामारी के कारण जहां शहर के ज्यादातर गिरजाघरों में लंबे समय बाद रौनकें लौटी हैं। वहीं लोगों में दोगुना उत्साह भी नजर आ रहा है।
मुक्तिदाता प्रभु यीशु मसीह के जन्म पर चर्चों में प्रार्थनाओं व सभाओं का दौर जारी है। फायर और रैव्ह. ने लोगों को मुक्तिदाता के आगमन का संदेश सुनाए। लोगों ने कैरल सुनकर, कैंडल जलाकर और केक काटकर यीशु मसीह के आगमन की खुशियां मनाई।
मेरठ के बच्चा पार्क स्थित 151 वर्ष पुरानी सेंट थॉमस चर्च में गुरुवार रात फादर रोडरिक विक्टर ने प्रभु यीशु के जन्म के बारे में बताया। रैव्ह. पारितोष नोयल ने कहा कि बीते नौ माह परमेश्वर ने दुनिया को नियंत्रित किया।
यीशु बालक नहीं जगत के उद्धारकर्ता हैं। मिशन कंपाउंड स्थित सिटी मैथोडिस्ट चर्च में कैंप फायर के साथ कार्यक्रम आरंभ हुआ। चर्च में प्रेयर फादर इमानुअल मसी ने कराई। ब्रदर ललित स्टीफन ने यीशु मसीह के जन्म के समय चिह्नों के बारे में बताया।
सहारनपुर में कोरोना काल और सर्दी के बीच आज क्रिसमस का त्योहार हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। गिरजाघरों (चर्च) को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया है। ईसाई समाज के लोगों ने घरों पर भी क्रिसमस की तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। साथ ही कोरोना के कारण पूरी एहतियात बरती जा रही हैं।
शहर के मिशन कंपाउंड में स्थित सीएनआई चर्च को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया है। इसके अलावा चर्च परिसर में कोरोना संक्रमण को देखकर थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर की विशेष व्यवस्था की गई है।
मुजफ्फरनगर में क्रिसमस के पर्व पर शहर के सभी चर्च सजाए गए। झांसी की रानी स्थित चर्च को भव्य रूप दिया गया। सिविल लाईन थाने के सामने के चर्च को सभी सजाया गया। प्रभु यीशु के जन्मदिन को लेकर मसीह समाज में उत्साह है। हालांकि इस बार सेंटा क्लॉज कोरोना के चलते बच्चों को उपहार नहीं बांटेंगे।