कारोबारी का दर्द: कोरोना में बेटा गया और अब जाम ने उजाड़ दिया व्यापार, बयां की आपबीती, आंखों से नहीं थमे आंसू
पहले कोरोना और अब रैपिड रेल के काम की वजह से लग रहे जाम ने दिल्ली रोड के कारोबारियों को तबाही के कगार पर ला खड़ा किया है। किरायेदार दुकान खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट कर रहे हैं। जो खुद दुकान चलाते हैं वह ग्राहकों के इंतजार में बैठे रहते हैं।
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मेरठ में करीब 75 वर्ष के बिहारी लाल के आंसू थम नहीं रहे। कोरोना में जवान कमाऊ बेटे की मौत हो गई। बुढ़ापे में दुकान पर बैठना पड़ा और अब जाम ने कारोबार छीन लिया है। रुंधे गले से वह बताते हैं कि कई-कई दिन तक ग्राहक नहीं आते और बोहनी तक नहीं हो पाती। दुकान माल से भरी है।
बिहारी लाल दुकान के सामने लगे एनसीआरटीसी के निर्माणाधीन पिलर की तरफ इशारा करते हुए बताते हैं कि चार माह से पिलर बनाने के लिए लोहे के पोल लगाए हुए हैं। न तो पिलर बनाया जा रहा है और न ही यह स्ट्रक्चर हटाया जा रहा है। पूरे इलाके में कहीं किसी ग्राहक के लिए स्कूटी तक पार्क करने की जगह नहीं। ग्राहकों ने मुसीबत से बचने के लिए दूसरे बाजारों का रुख कर लिया है।
वैली बाजार में दुकान बंद कर आए, यहां खर्च भी नहीं निकल रहा
दास एन्टरप्राइजेज के मालिक तुषार जैन बताते हैं कि उनके पिता वैली बाजार में बिजली के सामान का थोक कारोबार करते थे। ढाई साल पहले ही सारी पूंजी लगाकर दिल्ली रोड पर दुकान खरीदी। वैली बाजार का काम यहां शिफ्ट किया। पहले लॉकडाउन में दुकान बंद रही। अब रैपिड रेल के काम की वजह से लगने वाले जाम ने कारोबार ठप कर दिया है। कर्मचारियों का वेतन और दुकान का खर्च भी नहीं निकल रहा। प्रशासन को भी व्यापारियों के कारोबार को ध्यान में रखकर ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि जाम न लगे और निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा हो जाए।
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नौकरी छोड़ खोली थी दुकान... रास्ता ही बंद
विजय स्टोर के मालिक लक्ष्य जैन बताते हैं कि मई
2019 में पिता ने नौकरी छुड़वाकर क्रॉकरी के सामान की दुकान खुलवाई। उम्मीद थी कि इस कारोबार को ऊपर ले जाएंगे। दुकान खोलते ही कोरोना आ गया। अब कुछ अच्छे की उम्मीद थी तो रैपिड रेल कंपनी ने दुकान में आने का रास्ता ही बंद कर दिया। दुकान तो प्रतिदिन खोलते हैं, लेकिन ग्राहक ही नहीं हैं। अगर दुकान किराए की होती तो बर्बाद ही हो जाते। यहां अधिक कर्मचारी और मशीनें लगाकर शीघ्र कार्य को पूरा करना चाहिए ताकि कारोबार बच सके।
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कल बेहतर होगा पर आज कैसे बचाएं
श्रीराम प्लाइवुड के मालिक अमित अग्रवाल का कहना है कि रैपिड रेल का आने वाले समय में मेरठ को बड़ा फायदा मिलेगा लेकिन, इस समय जो कारोबार को नुकसान हो रहा है उसकी भरपाई कैसे होगी। एनसीआरटीसी और पुलिस प्रशासन को मिलकर ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए कि दिल्ली रोड पर जाम न लगे। साथ ही जिन दुकानों के सामने कार्य पूरा हो चुका है वहां से बैरिकेडिंग को हटाया जाए और जहां पर काफी समय पहले काम शुरू किया गया और पूरा नहीं किया है उसको पूरा किया जाए।