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परिवहन विभाग को बड़ा नुकसान: सालाना 130 करोड़ का झटका दे रही डग्गामार बसें, पढ़िए क्या बोले अधिकारी

Fri, 24 Dec 2021 06:20 PM IST
कपिल kapil राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Fri, 24 Dec 2021 06:20 PM IST
सार

पश्चिमी यूपी में डग्गामार बसों से परिवहन विभाग को बड़ा नुकसान हो रहा है। जांच में पता चला कि डग्गामार बसें रोडवेज को सालाना करीब 130 करोड़ रुपये का झटका दे रही है।

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Meerut News: 130 crores loss of transport department in one year because of unauthorized buses in West UP
डग्गामार बस। - फोटो : amar ujala

विस्तार

मेरठ शहर से दिल्ली, मुजफ्फरनगर, बागपत, बिजनौर, गजरौला और मुरादाबाद आदि रूट पर दौड़ रही करीब 180 डग्गामार बसें न केवल यात्रियों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है बल्कि रोडवेज को भी सालाना करीब 130 करोड़ रुपये का झटका दे रही है। सत्ताधारी नेताओं, परिवहन विभाग और पुलिस की तिकड़ी के आशीर्वाद से डग्गामार वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 

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रोडवेज एमडी नवदीप रिनवा ने इस पर लगाम लगाने को कहा है। इसके लिए उन्होंने हर महीने परिवहन विभाग और रोडवेज अधिकारियों को संयुक्त चेकिंग अभियान चलाकर इन्हें सीज करने और टोल प्लाजा से भी लंबी दूरी के अवैध वाहनों की सूची लेकर इन पर लगाम कसने को कहा है। वहीं डग्गामारों ने अपनी बसों का रंग न केवल रोडवेज की बसों जैसा करा रखा है बल्कि बसों की साइड में उत्तर प्रदेश परिवहन की जगह उत्तर प्रदेश परिवार लिखवा रखा है। रोडवेज बस होने के भ्रम में यात्री डग्गामार बसों में बैठ जाते हैं।
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जीवन की नहीं कोई सुरक्षा
रोडवेज बसों में सफर करने वाले यात्रियों के टिकट राशि में ही बीमे का प्रीमियम भी शामिल होता है। दुर्घटना की स्थिति में यात्री को क्लेम दिया जाता है, लेकिन डग्गामार बस में यात्री का जीवन सुरक्षित नहीं होता है। 
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दौड़ रही 180 डग्गामार बसें
शहर से करीब 180 डग्गामार बसों का संचालन हो रहा है। आमतौर पर एक बस रोजाना करीब 20 हजार रुपये की कमाई करती है। 180 बसों की कमाई पर नजर डाले तो तो यह कमाई 36 लाख रोजाना बैठती है। महीने में कमाई का आंकड़ा 10.80 करोड़ रुपये और सालाना 129.60 करोड़ रुपये बैठता है। 

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किस रूट पर कितनी डग्गामार बस
रूट                                             बसों की संख्या 

मेरठ-गढ़-गजरौला-मुरादाबाद                  64
मेरठ-मुजफ्फरनगर                               26
मेरठ-कौशांबी                                      90
कुल बस                                             180

क्या बोले अधिकारी 
रोडवेज ने सर्वे कराकर परिवहन विभाग को 180 डग्गामार बसों की सूची सौंप रखी है। इन बसों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अब रोडवेज एमडी ने फिर से बसों की सूची तैयार करने और परिवहन विभाग के साथ संयुक्त चेकिंग करने को कहा है। इसका पालन किया जाएगा। - केके शर्मा, आरएम रोडवेज मेरठ रीजन

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