मेरठ कैपिटल में करिश्मा की माैत के इस मंजर को जिसने भी देखा, वह खौफजदा था। बचाव के लिए हॉस्पिटल में तीमारदार दौड़ रहे थे, लेकिन हर कोई बेबस था। लिफ्ट के दरवाजे के बाहर महिला (जच्चा) की गर्दन लटकी थी और उसका आधा शरीर अंदर लिफ्ट में लटका हुआ था। हॉस्पिटल की व्यवस्था भी पूरी तरह चौपट हो गई। महिला को बचाने की बजाए, हॉस्पिटल का स्टाफ भाग गया।
गुरुवार समय शाम के 5:40 बजे थे। बच्ची को जन्म देने के बाद दूसरी मंजिल से ऑपरेशन थियेटर से स्ट्रेचर पर लिटाकर करिश्मा को वार्ड बॉय और नर्स लिफ्ट के पास पहुंचे। उसमें दो युवक पहले से ही खड़े थे। स्ट्रेचर को स्टाफ लिफ्ट के अंदर कर रहा था, तभी लिफ्ट गिर गई। स्ट्रेचर पर लेटी करिश्मा की गर्दन लिफ्ट के बाहर और आधा शरीर अंदर लटक गया।
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अस्पताल की टूटी लिफ्ट देखती पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
करिश्मा की चीख-पुकार मची तो तीमारदार भी दौड़कर पहुंच गए। तीमारदार करीब 50 मिनट तक चिल्लाते रहे और हॉस्पिटल में अफरा-तफरी मची रही। हॉस्पिटल का स्टाफ लिफ्ट खुलवाने की बजाए वहां से भाग गया। 30 मिनट बाद फायरबिग्रेड की टीम पहुंची और 20 मिनट मशक्कत कर महिला को निकाला गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
करिश्मा बेहोश नहीं, शायद उसकी मौत वहीं हो चुकी थी। हालांकि दूसरे अस्पताल में उसे रेफर किया गया, जहां पर डॉक्टरों ने अधिकृत रूप से मौत की पुष्टि कर दी। गनीमत रही कि करिश्मा के साथ उसकी बच्ची नहीं थी। वह हॉस्पिटल में अपने मामा हैप्पी के पास थी।
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अस्पताल के बाहर लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
करिश्मा को देखकर फूटा तीमारदारों का गुस्सा
लिफ्ट के दरवाजे से निकलते ही करिश्मा के भाई हैप्पी और उसके पति अंकुश मावी सहित परिवार के लोगों ने गले से लगा लिया। करिश्मा का निकनेम मोनी था। वह बार-बार मोनी-मोनी कहकर उसको होश में लाने का प्रयास कर रहे थे। करिश्मा की हालत देखकर तीमारदारों का गुस्सा फूट गया।
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महिला की मौत के बाद अस्पताल में पहुंची पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला
लिफ्ट की बेल्ट टूटी या तकनीकी खराबी
स्ट्रेचर पर लेटी करिश्मा लिफ्ट में घुसी नहीं थी और अचानक उसका दरवाजा बंद हो गया। लिफ्ट नीचे गिरी और दरवाजे में फंसी करिश्मा लटकी रह गई। इसको लेकर अलग-अलग सवाल उठ रहे हैं। लिफ्ट की बेल्ट टूटी है या फिर तकनीकी खराबी आई। इसका खुलासा तो जांच करने के बाद ही फॉरेंसिक एक्सपर्ट या लिफ्ट के मैकेनिक ही कर पाएंगे। फिलहाल पुलिस ने कैपिटल हॉस्पिटल को सील कर दिया है।
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जांच करती जीएसटी टीम।
- फोटो : अमर उजाला
स्टाफ से मारपीट, तोड़फोड़, पुलिसकर्मियों से भी परिजनों की तीखी नोकझोंक,
कैपिटल हॉस्पिटल में करिश्मा की मौत के बाद परिजनों ने बखेड़ा कर दिया। दो घंटे तक अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ हुई। डाॅक्टर और स्टाफ से हाथापाई कर दी। इस दौरान अपनी जान बचाकर यहां से स्टाफ भाग खड़ा हुआ।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो पुलिस से भी नोकझोंक और हाथापाई भी हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही लोग लिफ्ट के पास आ गए। वे बचाओ... बचाओ चिल्लाने लगे। इसके बाद अस्पताल की टेक्निकल टीम भी मौके पर आ गई। थोड़ी देर में लिफ्ट को लोगों ने घेर लिया। महिला के परिजनों और भीड़ ने अस्पताल के शीशे और बेड तोड़ दिया।