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हाउस टैक्स से हर साल मेरठ नगर निगम को मिलेंगे 100 करोड़
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मेरठ। नगर निगम को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और शहर का विकास कराने के लिए सरकार ने तरीका तलाश लिया है। सरकार ने निगम सीमा के भीतर बने आवासीय व कामर्शियल भवनों का जीआईएस सर्वे करने के लिए एक कंपनी को मेरठ भेजा है। कंपनी तीन साल के भीतर एक एक भवन का सर्वे कर यूनीक नंबर जारी करेगी। एक मोबाइल एप जारी होगा। इसके माध्यम से भवन स्वामी घर बैठे हाउस टैक्स की स्थिति को देख सकेगा। निगम प्रशासन का मानना है कि उसके बाद हाउस टैक्स से निगम की आय 100 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष पहुंच जाएगी।
सरकार द्वारा भेजी गई कंपनी के अधिकारियों ने शुक्रवार को नगर निगम सभागार में नगरायुक्त अरविंद कुमार चौरसिया, सहायक नगरायुक्त ब्रजपाल सिंह, एफसी संतोष शर्मा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार, कर अधीक्षक नरेश सिवालिया, सुरेन्द्र सिंह, केशवप्रसाद आदि के सामने जीआईएस सर्वे प्रक्रिया का प्रजेंटेशन दिया। कंपनी अधिकारियों ने बताया कि वह तीन साल में जीआईएस सर्वे का काम पूरा करेंगे। एक अक्तूबर से सर्वे की शुरूआत होगी। कर्मचारी डोर टू डोर सर्वे करेंगे। सर्वे के बाद जारी रिपोर्ट का सत्यापन नगर निगम टैक्स विभाग के अधिकारी करेंगे। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भवन स्वामियों पर टैक्स निर्धारण कर नोटिस भेजे जाएंगे। जिन भवन स्वामियों को आपत्ति होगी। उनका निस्तारण निगम अधिकारी करेंगे। किसी भी भवन की हर मंजिल पर टैक्स लगाया जाएगा। नगरायुक्त अरविंद कुमार का कहना है कि शहर के विकास के लिए निगम की आय बढ़ाना जरूरी है। सभी भवनों पर टैक्स लगाया जाएगा। कंपनी द्वारा दिए गए प्रजेंटेशन से साफ हो गया है कि निगम की आय बढ़ेगी।
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सरकार द्वारा भेजी गई कंपनी के अधिकारियों ने शुक्रवार को नगर निगम सभागार में नगरायुक्त अरविंद कुमार चौरसिया, सहायक नगरायुक्त ब्रजपाल सिंह, एफसी संतोष शर्मा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार, कर अधीक्षक नरेश सिवालिया, सुरेन्द्र सिंह, केशवप्रसाद आदि के सामने जीआईएस सर्वे प्रक्रिया का प्रजेंटेशन दिया। कंपनी अधिकारियों ने बताया कि वह तीन साल में जीआईएस सर्वे का काम पूरा करेंगे। एक अक्तूबर से सर्वे की शुरूआत होगी। कर्मचारी डोर टू डोर सर्वे करेंगे। सर्वे के बाद जारी रिपोर्ट का सत्यापन नगर निगम टैक्स विभाग के अधिकारी करेंगे। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भवन स्वामियों पर टैक्स निर्धारण कर नोटिस भेजे जाएंगे। जिन भवन स्वामियों को आपत्ति होगी। उनका निस्तारण निगम अधिकारी करेंगे। किसी भी भवन की हर मंजिल पर टैक्स लगाया जाएगा। नगरायुक्त अरविंद कुमार का कहना है कि शहर के विकास के लिए निगम की आय बढ़ाना जरूरी है। सभी भवनों पर टैक्स लगाया जाएगा। कंपनी द्वारा दिए गए प्रजेंटेशन से साफ हो गया है कि निगम की आय बढ़ेगी।
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