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नालों में डूबी इंसानियत: 50 करोड़ के संसाधन... फिर भी निगम के कर्मचारियों को नाले में उतारकर कराई जा रही सफाई

Sun, 14 Jul 2024 02:06 PM IST
शाहरुख खान गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
गजेंद्र चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 14 Jul 2024 02:06 PM IST
सार

मेरठ नगर  निगम के पास 50 करोड़ के संसाधन हैं। फिर भी दिल्ली रोड पर कर्मचारियों को नाले में उतारकर सफाई कराई जा रही है। नाले की गहराई इतनी है कि पौने छह फीट के कर्मचारी की गर्दन भी डूब जाती है। 

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Meerut Municipal Corporation resources worth about 50 crore Employees getting down into drain and cleaning it
निगम की हकीकत का पर्दा उठा रही ये धुंधली तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ नगर निगम के पास करीब 50 करोड़ रुपये कीमत के संसाधन हैं, बावजूद इसके नालों में इंसानियत डूबी है। शनिवार को दिल्ली रोड पर ऐसा ही दृश्य था। कर्मचारियों की जान जोखिम में डालकर नाले में उतारकर सफाई कराई जा रही है। 
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कर्मचारियों की गर्दन पानी में डूबी थी और वे फिर भी नाले से सिल्ट निकाल रहे थे। प्रतिबंध के बावजूद निगम अपने कर्मचारियों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। कर्मचारी अपनी रोजी रोटी के लिए मौत से खेल रहे हैं और जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदकर तमाशा देख रहे हैं।
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बरसात में जलभराव का संकट है। नाला सफाई में करीब चार करोड़ का डीजल-पेट्रोल फूंकने के बावजूद प्रमुख सचिव नगर विकास ने नाराजगी जताई थी, क्योंकि नालों में ऊंची-ऊंची उग रही घास और सिल्ट उन्हें निरीक्षण के दौरान मिली थी। 
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दिल्ली रोड पर कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए नगर निगम चार दिन से फुटबॉल चौराहे से ट्रांसपोर्ट नगर गेट तक नाला सफाई करवा रहा है। यहां निगम की मशीन नहीं, बल्कि कर्मचारियों से मैनुअल सफाई कराई जा रही है। नाले की गहराई इतनी है कि पौने छह फीट के कर्मचारी की गर्दन भी डूब जाती है। यह सफाई मशीन से भी कराई जा सकती थी।

ये हैं संसाधन
निगम के दिल्ली डिपो, सूरजकुंड डिपो और कंकरखेड़ा डिपो पर संसाधन
छोटी-बड़ी पॉकलेन मशीन-55
टैक्टर-ट्रॉली -64
टाटा मैजिक-27
जेसीबी-18
बड़े ट्रक-6
रोबोट-2

यह है नियम, 2013 में लगा था प्रतिबंध
नालों और सीवर लाइन की सफाई करते समय कई लोगों की मौत हो चुकी है। इसको देखते हुए मैनुअल स्कैवेंजर के रूप में रोजगार का निषेध और उनके पुनर्वास अधिनियम 2013 में लागू किया गया।

इसके अंतर्गत खतरनाक नालों में मैनुअल सफाई पर प्रतिबंध लगा दिया और यह अपराध माना जाने लगा। जहां पर सड़क की चौड़ाई कम है यानी छोटी मशीन नहीं जा सकती, एक मीटर चौड़े और तीन फीट गहरे नाले में सफाई मैनुअल करानी पड़ जाए तो बचाव के सभी संसाधन कर्मचारियों को मुहैया कराने होंगे।

 

नालों में मशीनों के जरिये सफाई कराई जा रही है। अगर कर्मचारी नालों में उतरकर सफाई कर रहे है तो गलत है। इसकी गंभीरता से जांच कराएंगे और कार्रवाई करेंगे। नगर निगम के पास पर्याप्त मशीनें, जिससे कर्मचारी सफाई करते है। -डॉ. हरपाल सिंह, प्रभारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी
 
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