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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Meerut: more than 42 lakh of water was spent in more than 400 incidents in five months

Meerut: पांच माह में 400 से अधिक घटनाओं में खर्च हुआ 42 लाख 16 हजार 300 लीटर जल

Wed, 14 Jun 2023 11:19 AM IST
Dimple Sirohi विनीत तोमर, अमर उजाला, मेरठ
विनीत तोमर, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 14 Jun 2023 11:19 AM IST
सार

लापरवाही के चलते शार्ट सर्किट के कारण 80 प्रतिशत आग लगने की घटनाएं मेरठ में पिछले पांच माह के भीतर हुई हैं। नतीजा यह हुआ कि इन घटनाओं में आग बुझाने के लिए 42 लाख लीटर पानी खर्च हो गया, जबकि यह जल 31231 लोगों की जरूरत पूरी कर सकता था।

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Meerut: more than 42 lakh of water was spent in more than 400 incidents in five months
आग की घटनाएं - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ में पिछले पांच माह में जिले में अलग-अलग जिलों में लगी आग की घटनाएं पानी पर भी भारी पड़ गईं। आग लगने की 400 से अधिक घटनाओं में 42 लाख 16 हजार 300 लीटर पानी खर्च हो गया। खास बात यह है कि 80 प्रतिशत आग लगने की घटनाएं लापरवाही के चलते शार्ट सर्किट के कारण हुई हैं। जिसमें लोड अधिक होने की वजह से वायर में आग लगी। 

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इतना पानी हुआ खर्च 
-जनवरी : पांच लाख 21 हजार 850 लीटर 
-फरवरी : छह लाख 74 हजार 500 लीटर
- मार्च : सात लाख 70 हजार 600 लीटर 
-अप्रैल : 13 लाख 24  हजार 50 लीटर 
-मई : नौ लाख 25 हजार 300 लीटर 
नोट : जिले में पांच फायर स्टेशन है, जो पुलिस लाइन, घंटाघर, परतापुर, मवाना और सरधना में है। यह आंकड़ा सभी फायर स्टेशन का है, जो जनवरी से मई माह तक आग बुझाने में खर्च हुआ।

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न लगे आग, बरतें सावधानी 
-एक ही सॉकेट में कई उपकरण जुड़े होते हैं या कम पावर वाले सॉकेट में हाई वोल्टेज के उपकरण जोड़ दिए जाए, वायर में बिजली का फ्लो बढ़ने से शार्ट सर्किट का खतरा रहता है। 
-उपयोग के बाद उपकरणों के प्लग को सॉकेट से निकाल दें। 
-मकान, दुकान, इंडस्ट्री आदि में समय-समय पर बिजली की वायर चेक करते रहें। 
-आपात स्थिति के लिए अग्निशमन यंत्र या रेत से भरी बाल्टी घर में जरूर रखें। 

31231 लोगों की जरूरत के बराबर खर्च हुआ पानी
प्रति व्यक्ति खर्च होने वाले पानी को लेकर मानक भी निर्धारित किया गया है। जल निगम के अधिकारियों के अनुसार, शहरी क्षेत्र में पानी की खपत ज्यादा होती है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के व्यक्ति को प्रतिदिन 135 लीटर पानी मिलना चाहिए। जिसमें नहाने से पीने और कपड़े धोने आदि सभी शामिल है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र के व्यक्ति के व्यक्ति को प्रतिदिन 80 लीटर पानी मिलना चाहिए। ऐसे में 400 से अधिक जगह लगी आग बुझाने में खर्च हुए पानी से 31231 लोगों की प्यास बुझाई जा सकती है। 

आग लगने की 80 प्रतिशत घटनाएं ऐसी है जिसमें आग लगने का कारण लापरवाही रहा। यदि समय-समय पर फिटिंग को लोड के हिसाब से चेक कराते रहे तो शार्ट सर्किट से लगने वाली आग की घटनाएं रूक सकती है। ऐसे में लोगों को जागरूक होने की जरूरत है।  -संतोष राय, मुख्य अग्निशमन अधिकारी मेरठ

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