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मेट्रो के लिए दिल्ली रोड पर टोपोग्राफी सर्वे

Thu, 08 Oct 2015 02:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Thu, 08 Oct 2015 02:09 AM IST
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meerut metro

मेरठ में मेट्रो ट्रेन की डीपीआर के मद्देनजर राइट्स की टीम ने दिल्ली रोड पर टोपोग्राफी सर्वे शुरू कर दिया है। चूंकि मेट्रो का एलाइनमेंट यहीं से होकर गुजर रहा है तो राइट्स को यह इस सर्वे की रिपोर्ट जल्द पेश करनी होगी। इस सर्वे में यह स्थिति साफ हो जाती है कि कौन सा भवन, सड़क, पुल, रेलवे लाइन आदि कितने डिग्री कोण पर कहां स्थित है। मेट्रो के लिए डीपीआर बनाने की जिम्मेदारी राइट्स के कंधों पर है।

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राइट्स तथा एमडीए के अधिकारियों का यह संयुक्त मिशन है, जिस पर लगातार काम किया जा रहा है। फिलहाल लक्ष्य यह है कि इस माह में डीपीआर तैयार कर दी जाए। इसके लिए तकनीकी सर्वे, पीएचपीडीटी (पर ऑवर पर डायरेक्शन ऑफ ट्रैफिक) सर्वे पूरा किया जा चुका है। ट्रैफिक सर्वे रिपोर्ट, ट्रैफिक डाटा रिपोर्ट प्रस्तुत कर चुकी है। एलाइमेंट डिजाइन, स्टेशन प्लानिंग तथा यूटीलिटी डायवर्जन प्लान भी फाइनल है।
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बुधवार को दिल्ली रोड पर टीम ने टोपोग्राफी सर्वे किया। अतुल माहेश्वरी सेतु के नीचे तथा परतापुर तक इस पर काम किया गया। टीम ने शाम तक यहां से आंकड़े तैयार किए। टीम लीडर संजय कुमार ने बताया कि एलाइनमेंट के हिसाब से सर्वे किया जा रहा है। इसी माह सारी रिपोर्ट तैयार होनी है।
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यह है टोपोग्राफी सर्वे
टोपोग्राफी सर्वे में क्षेत्र का मैप तैयार किया जाता है। सटीक नक्शे बनाने के लिए इस विधि का प्रयोग होता है। किसी नए बड़े मेट्रो सरीखे प्रोजेक्ट के लिए इस सर्वे के आधार पर ही नक्शे तैयार किया जाते हैं। इस सर्वे में वाटर फीचर, पार्क, लैंडमार्क, हाईवे, रोड्स, रेलवे लाइन, पुल, एडमिनिस्ट्रेटिव लैंड या ऑफिस तथा भवन सभी को चिन्हित किया जाता है। उसी आधार पर मैप तैयार होता है। स्केल रेंज के आधार पर पूरा नक्शा तैयार होता है।


यह है मेरठ मेट्रो कॉरिडोर
कॉरिडोर नंबर एक :  
शुरुआत परतापुर से
दूरी- बीस किमी
स्टेशन- 18
स्टेशन- यहां सेएलेवेटिड होगा ट्रैक : परतापुर, डीएन पॉलीटेकिभनक रिठानी साउथ, रिठानी नार्थ
यहां से अंडरग्राउंड ट्रैक शुरू : शताब्दीनगर, टीपीनगर, माधवपुरम, एचआरएस चौक, घंटाघर चौराहा, भैसाली, बेगमपुल, गांधी बाग,
यहां से फिर एलीवेटिड ट्रेक- सोफीपुर, डौरली, पीएसी, गुरुकुल, पल्लवपुरम फेज वन तथा टू
- इस कॉरिडोर में 10 किमी अंडरग्राउंड तथा दस किमी एलेवेटिड ट्रैक रहेगा
- यहां परतापुर और पल्लवपुरम में डिपो प्रस्तावित है। उसे ही अंतिम रूप दिया जाएगा।
- इस कॉरिडोर में डिपो के लिए 20 हेक्टेयर जमीन का इस्तेमाल होगा

कोरिडोर टू :
स्टेशन : अब श्रद्घापुरी से कंकरखेड़ा ओवरब्रिज होते हुए रजबन बाजार तक अंडरग्राउंड फिर बेगमपुल, बच्चा पार्क, शाहपीर गेट, सीजर स्क्वायर, गांधी आश्रम, मंगल पांडे नगर, तेजगढ़ी, मेडिकल कालेज, जागृति विहार, गोकुलपुर तक एलीवेटिड
- यहां गोकुलपुर में डिपो बनेगा
- इस कॉरिडोर में डिपो के लिए 15 हेक्टेयर जमीन का इस्तेमाल होगा

कुछ अन्य तथ्य
- 38 किलोमीटर का है शहर में मेट्रो ट्रेन का प्रोजेक्ट
- आठ से दस हजार करोड़ की लागत आएगी ट्रैक पर
- 150 करोड़ प्रति किमी खर्च आता है एलिवेटेड ट्रैक पर
- 350 करोड़ प्रति किमी खर्च आता है अंडरग्राउंड ट्रैक पर
- 2016 में काम शुरू करने तथा 2020 में समाप्त करने का टारगेट

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