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Meerut: मंडप, बैंडबाजा और न ही बरात, थाने में उज्जवल और आयुषी ने थामा एक-दूजे का हाथ, पुलिस ने दिया आशीर्वाद
Tue, 21 Mar 2023 01:06 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 21 Mar 2023 01:06 PM IST
सार
अलग-अलग बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले उज्जवल और आयुषी ने अपनी शादी के सपने संजोए थे लेकिन परिजनों को राजी करना मुश्किल हो गया। दोनों की शादी के लिए तैयार नहीं थे। मामला थाने पहुंचा तो पुलिस ने परिजनों को समझाया, बेटे के जेल जाने की बात सुनी तो युवक के परिजन तैयार हो गए। इस पर युवक और युवती की थाने में ही शादी कराई गई।
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उज्जवल और आयुषी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मंडप, बैंडबाजा और न ही बरात...पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में थाने में ही उज्जवल और आयुषी ने थामा एक-दूसरे का हाथ। अलग-अलग बिरादरी से ताल्लुक रखने वाले युवक और युवती के परिजन इस शादी को तैयार न थे। मामला थाने में पहुंचा तो पुलिस ने वहीं दोनों के परिजनों को मनाया। फिर थाने के मंदिर में ही शादी करवाई। प्रेमी युगल ने एक-दूसरे के गले में माला डालकर सदा संग रहने की कसम खाई। पुलिस और परिजनों ने नवदंपती को आशीर्वाद देकर विदा किया।
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इस शादी के साक्षी बने दरोगा भीम प्रकाश के अनुसार मोहल्ला तिहाई निवासी उज्जवल और आयुषी युवती के घर आमने-सामने हैं। उन्होंने बताया कि युवती रविवार को युवक के घर पहुंच गई थी और शादी के लिए दबाव बनाने लगी। अलग बिरादरी से होने की बात कहकर युवक के परिजनों ने शादी कराने से इन्कार कर दिया। इसके बाद युवती घर लौट आई और सोमवार सुबह मवाना थाने में पहुंची। युवती ने पुलिस को अपने प्रेम-प्रसंग के बारे में बताया और शादी कराने की गुहार की।
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पुलिस ने दोनों के परिजनों को थाने बुलाया। थाने में भी पहले युवक और उसके परिजनों ने शादी से मना कर दिया। काफी देर तक चली बहस के बाद युवती जब नहीं मानी तो पुलिस ने युवक के परिजनों को समझाया। एससी एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज होने पर जेल जाने की बात भी कही। इसके बाद वह शादी के लिए तैयार हो गए।
दोनों पक्षों की सहमति होने पर पुलिस ने थाना परिसर में ही बने मंदिर में प्रेमी युगल की शादी करवा दी। इसके बाद नवदंपती ने थाने में लिखित में दिया कि वह दोनों बालिग हैं और आपसी सहमति से शादी कर रहे हैं। उनके परिवार के लोगों को भी इससे कोई आपत्ति नहीं है। पुलिस ने दोनों के परिवारों के भी गवाह के रूप में हस्ताक्षर कराएं हैं।