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आयुष्मान के मरीजों का इलाज करने में मेडिकल फिसड्डी

Wed, 15 Jan 2020 01:54 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jan 2020 01:54 AM IST
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meerut laggards to treat ayushmann patients
आयुष्मान के मरीजों का इलाज करने में मेडिकल फिसड्डी
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मेरठ। आयुष्मान भारत की प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत मरीजों के इलाज में मेडिकल कॉलेज फिसड्डी साबित हुआ है। 15 माह हो गए, मगर एक हजार मरीजों का आंकड़ा भी पार नहीं हो पाया है। कम इलाज करने पर मुख्य सचिव भी नाराजगी जता चुकेहैं। जिलाधिकारी बुधवार को मेडिकल कॉलेज में इस योजना की समीक्षा करेंगे।
मेडिकल कॉलेज मेरठ में आयुष्मान भारत के तहत 863 मरीजों का इलाज हुआ है। इनमें मेडिसिन और टीबी विभाग में 279, सर्जरी विभाग में 139, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में 126, बाल रोग में 90, अस्थि रोग में 109, नेत्र रोग में 69, ईएनटी में 31 और मानसिक रोग में 20 मरीजों को भर्ती किया गया है। इस संबंध में चार विभागों (मेडिसिन, सर्जरी, गायनिक और बाल रोग) के प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों की बात करें तो झांसी में 2151, आगरा 1058, गोरखपुर 2073, प्रयागराज 3184, कन्नौज 1199, आंबेडकर नगर 957 और कानपुर में 1189 मरीजों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत हुआ है। इनके अलावा सहारनपुर 278, जालौन 450, बदायूं 222, बांदा 157 और आजमगढ़ 275 मरीजों का इलाज हुआ है।
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आयुष्मान योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी। इसमें फिलहाल 64 अस्पताल पंजीकृत हैं, जिनमें छह सरकारी और 58 निजी अस्पताल हैं। अभी भी नौ लाख से ज्यादा लोगों के गोल्डन कार्ड नहीं बन सके हैं, जबकि इलाज के दौरान गोल्डन कार्ड का होना जरूरी है। कई बार तो इलाज के दौरान ही लोगों को गोल्डन कार्ड बनवाना पड़ता है।

परवान नहीं चढ़ रहा गोल्डन कार्ड अभियान
स्वास्थ्य विभाग का आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान भी पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ पा रहा है। सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने कम गोल्डन कार्ड बनाए जाने पर नाराजगी जताई थी। साथ ही हिदायत दी कि ज्यादा से ज्यादा गोल्डन कार्ड बनाए जाएं। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग तीन माह तक गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान चला रहा है, लेकिन यह अभियान पूरी तरह से परवान नहीं चढ़ पा रहा है, क्योंकि जन सुविधा केंद्र वाले आर्थिक जनगणना में लगे हुए हैं। ऐसे में गांव-गांव और मोहल्ला-मोहल्ला जाकर गोल्डन कार्ड शिविर लगाने का अभियान उस गति से नहीं चल रहा है, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। सीएमओ डॉ. राजकुमार ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही जन सुविधा केंद्रों केसाथ बैठक करेंगे और इस अभियान में गति लाने की कोशिश करेंगे।
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