प्रदेश में 16वां सबसे प्रदूषित शहर है मेरठ, लगातार बिगड़ रही हवा की सेहत, सांस लेना मुश्किल
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की हवा लगातार दूषित हो रही है। इसके चलते मेरठ एवं गाजियाबाद प्रदेश की सबसे प्रदूषित 16 शहरों की सूची में शामिल कर लिए गए हैं। जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। गुरुवार को बागपत एवं गाजियाबाद की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही।
एनसीआर में रोक के बावजूद कूड़ा जलाया जा रहा है, जिससे स्मॉग की चादर मोटी होती जा रही है। मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बृहस्पतिवार को 273 दर्ज किया गया। बागपत का 412 रहा। गाजियाबाद का एक्यूआई 380 रहा। इससे हवा की सेहत खराब होने से लोगों की परेशानी बढ़ रही है।
यहां लोगों को सांस लेने परेशानी एवं आंखों में जलन की शिकायत है। यहां तमाम प्रयास एवं जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद लोग कूड़ा जला रहे हैं। इन सबके चलते मेरठ महानगर में गंगानगर का एक्यूआई 325, जयभीमनगर का 283 एवं पल्लवपुरम का 337 दर्ज किया गया।
दुकानदार को कूड़ा जलाते दबोचा
मेरठ नगर निगम की टीम ने गुरुवार को नौचंदी मैदान में कूड़े के ढेर में आग लगा रहे एक दुकानदार को दबोच लिया। टीम उसे नौचंदी थाने ले गई। वहां दुकानदार को माफी मांगने पर छोड़ दिया।
क्षेत्र के सफाई निरीक्षक कुलदीप कुमार ने बताया कि नौचंदी मैदान स्थित बाले मियां की मजार के समीप एक दुकानदार कूड़ा जला रहा था। सफाई कर्मचारी संघ के महामंत्री कैलाश चंदौला भी पहुंच गए। जानकारी पाकर आसपास के दुुकानदार भी पहुंच गए थे।