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Meerut: क्या इतना आसान है जीएसटी चोरी करना, राजस्थान के सौरभ ने हस्तिनापुर में फर्म दिखाकर 2.46 करोड़ ठगे
Sun, 06 Jul 2025 01:32 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Sun, 06 Jul 2025 01:32 PM IST
सार
GST Evasion: राजस्थान निवासी सौरभ कुमार ने पैन कार्ड व अन्य कागज लगाकर हस्तिनापुर के पते पर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया था। मौके पर जांच की गई तो कोई कंपनी वहां नहीं मिली। इसके बाद जीएसटी चोरी का भंडाफोड़ हुआ।
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जीएसटी
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
विस्तार
हस्तिनापुर के पते पर फर्जी फर्म बनाकर एक व्यक्ति ने कागजों में करोड़ों का कारोबार दिखाते हुए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट जनरेट किए। चार फर्म में सप्लाई दिखाकर इनसे 2.46 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी को अंजाम दिया। मवाना मंडल के राज्यकर विभाग के सहायक आयुक्त ने बहसूमा थाने में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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सहायक आयुक्त उमेश सिंह ने शिकायत में बताया कि राजस्थान के धौलपुर जिले की जाटव बस्ती कासमपुर निवासी सौरभ कुमार ने पैन कार्ड व अन्य कागज लगाकर हस्तिनापुर के पते पर मैसर्स लॉर्ड शिव इंटरप्राइजेज के नाम पर 10 दिसंबर 2024 को जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया था। राज्यकर अधिकारी ने फर्म के व्यापार स्थल का भौतिक सत्यापन किया तो वहां कोई नहीं मिला और उस पते पर कोई व्यापारिक गतिविधि भी नहीं हो रही थी।
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इस पर जीएसटी पंजीकरण निरस्त करने के लिए नोटिस जारी किया गया। व्यापारी ने मई माह की रिटर्न जीएसटीआर-2ए दाखिल की। इसमें प्रयागराज के बहराना स्थित मैसर्स श्रावणी इंटरप्राइजेज से 13.67 करोड़ की इनवर्ड सप्लाई प्राप्त दिखाई गई। इससे 1.23 करोड़ के सीजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट और 1.23 करोड़ एसजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया। जबकि सप्लायर फर्म ने इस माल की कोई खरीद नहीं की थी न ही कोई नकद टैक्स जमा किया गया।
मैसर्स लॉर्ड शिव इंटरप्राइजेज की दाखिल रिटर्न जीएसटीआर-1 में चार फर्म को आउटवर्ड सप्लाई दिखाई गई। इनमें मैसर्स हरि ओम इंटरप्राइजेज को 12 करोड़ की सप्लाई करते हुए 2.16 करोड़ की आईजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट, मैसर्स कृष्णा ट्रेडर्स को 80.61 लाख की सप्लाई करते हुए 14.51 लाख की आईजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट, मैसर्स आरके ट्रेडर्स को 53.64 लाख की सप्लाई करते हुए 10.55 लाख और मैसर्स कृष्णा ट्रेडर्स को 22.40 लाख की सप्लाई करते हुए 4.03 लाख की आईजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट हस्तांतरित की गई।
आरोपी ने बिना कोई आपूर्ति प्राप्त किए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट जनरेट कर इन चारों फर्मों को पासऑन कर दी। आरोपी ने कागजों में करोड़ों का कारोबार दिखाकर धोखाधड़ी की।
जीएसटी में ई-वे बिल जनरेट करने के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है। इससे साबित होता है कि आरोपी ने इस मोबाइल नंबर का प्रयोग किया है। रुड़की के सिविल लाइन स्थित एचडीएफसी बैंक के खाते का इसमें इस्तेमाल किया गया है। इस संबंध में एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को तलाश किया जा रहा है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जीएसटी में ई-वे बिल जनरेट करने के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है। इससे साबित होता है कि आरोपी ने इस मोबाइल नंबर का प्रयोग किया है। रुड़की के सिविल लाइन स्थित एचडीएफसी बैंक के खाते का इसमें इस्तेमाल किया गया है। इस संबंध में एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को तलाश किया जा रहा है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।