Meerut: मुखबिर तंत्र फेल, व्हाट्सएप के जरिये बेचे जा रहे पटाखे, राॅकेट की स्पीड से की जा रही होम डिलीवरी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को ठेंगा दिखाकर मेरठ में पटाखों की ऑनलाइन जमकर बिक्री की जा रही है। पुलिस ने मेरठ में इस दीपावली पर एक करोड़ के पटाखे जब्त किए हैं, लेकिन पुलिस की आंखों में धूल झोंककर ऑनलाइन डिलीवरी की जा रही है।
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विस्तार
कोई डिलीवरी चार्ज नहीं
पटाखे विक्रेता अपने नंबर किसी ने किसी माध्यम से लोगों तक पहुंचा रहे हैं। इस नंबर पर व्हाट्सएप मेसेज कर बातचीत शुरू होती है। ऐसे ही कुछ मोबाइल नंबरों पर रिपोर्टर ने विक्रेता से बातचीत की। विक्रेता शुरूआती बातचीती में ही पटाखों की बिक्री और होम डिलीवरी के लिए तैयार हो गया। उसने पूछा कि माल कहां मंगाना है। जब उसे क्षेत्र बताया गया तब जवाब आया कि पहुंच जाएगा। डिलीवरी चार्ज भी नहीं लिया जाएगा।
रिपोर्टर: भाई साहब आपके पास पटाखे मिल जाएंगे क्या
विक्रेता: कौन बोल रहे हो, मेरा नंबर किसने दिया
रिपोर्टर: मेरे एक दोस्त ने नंबर दिया है, उसने भी आप से ही पटाखे खरीदे हैं।
विक्रेता: अच्छा, तुम्हें कौन से और कितने पटाखे चाहिए
रिपोर्टर: आपके पास कौन-कौन से पटाखे उपलब्ध हैं
विक्रेता: तुम्हारे व्हाट्सएप पर वैरायटी और रेट भेज रहा हूं, बता देना क्या और कितने चाहिए?
रिपोर्टर: डिस्कांउट कितना मिलेगा?
विक्रेता: 40 प्रतिशत एमआरपी पर डिस्काउंट है।
रिपोर्टर: मेरे दोस्त ने बताया है कि उसने 60 प्रतिशत डिस्काउंट पर खरीदे हैं।
विक्रेता: ये कुछ दिन पहले की बात होगी, तुम देख ही रहे होगे अब सख्ती कितनी बढ़ गई है।
रिपोर्टर: भाई फिर भी कुछ तो कम करो, ऐसे तो बजट बिगड़ जाएगा।
विक्रेता: ठीक है 50 प्रतिशत डिस्काउंट पर मिल जाएंगे, वैरायटी देख कर बता देना।
रिपोर्टर: आपके पास जो भी वैरायटी हैं, व्हाट्सएप पर भेज दो।
विक्रेता: बता देना माल कहां भिजवाना है।
रिपोर्टर: ठीक है।
पूरे जिले में आपूर्ति का दावा
व्हाट्सएप पर कई विक्रेता पूरे जिले में पटाखों की आपूर्ति करने का दावा कर रहे हैं। इसके लिए इन्होंने अपना नेटवर्क जान-पहचान के लोगों की सहायता से फैला रखा है। अनजान लोगों को पटाखे देने से साफ इन्कार कर दिया जाता है। परिचितों के माध्यम से संपर्क करने वालों को ही पटाखे बेचे जा रहे हैं। पटाखे तलाश रहे लोग भी किसी न किसी के माध्यम से खुद इन तक पहुंच रहे हैं। इसके चलते पुलिस भी इन लोगों का पता नहीं लगा पा रही है।
दावों की निकली हवा, बढ़ेगा प्रदूषण
जिस तरह पटाखों का ऑनलाइन डिलीवरी हो रही है, उससे साफ है कि पुलिस के दावों की हवा निकल रही है। यही हाल रहा तो दिवाली पर जमकर आतिशबाजी होगी और इससे प्रदूषण बढ़ेगा।
पटाखों की बिक्री रोकने के लिए सभी थानों में टीमें लगाई गई हैं। पुलिस ने जिले में बड़ी मात्रा में पटाखे जब्त भी किए हैं। बिक्री रोकने के लिए ऑनलाइन निगरानी भी कराई जा रही है। ऑनलाइन बिक्री करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। - अवनीश कुमार, एसपी क्राइम