आवास विकास ने 400 करोड़ में तैयार किए फ्लैट्स, जानें- ग्राहकों को क्यों नहीं आए रास
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मेरठ में आवास विकास ने जागृति विहार विस्तार योजना में मल्टीस्टोरी आवास बनाने में करीब चार सौ करोड़ रुपए खर्च कर दिए। पानी की तरह पैसा बहाने के बाद भी यहां बने आवास ग्राहकों को रास नहीं आए। हालत ये हैं कि आवास विकास अधिकारियों ने मल्टीस्टोरी आवासीय योजना में हाथ खडे़ कर दिए हैं। अब ग्राहकों को आवासों के प्रति रिझाने के लिए निजी बिल्डरों ने विस्तार योजना में डेरा डाल लिया है।
आवास विकास परिषद ने दस साल पहले जागृति विहार विस्तार योजना का शुभारंभ किया। इसमें परिषद ने करीब डेढ़ सौ एकड़ जमीन पर 23 मल्टी स्टोरी आवासों का निर्माण कराया। विस्तार योजना में परिषद ने करीब डेढ़ सौ एकड़ भूमि मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का निर्माण किया। पूरी योजना में 650 एकड़ भूमि किसानों से अधिग्रहित की गई। परिषद ने किसानों को पूरी भूमि का दो सौ करोड़ रुपये से ज्यादा प्रतिकर भी दिया। दस साल पहले परिषद ने सिंगल स्टोरी आवास के कल्चर से विपरीत यहां पहली बार मल्टी स्टोरी बिल्डिंग का शुभारंभ किया। उम्मीद थी कि दिल्ली, नोएडा की तर्ज पर मल्टी स्टोरी भवन पसंद आएंगे। लेकिन ग्राहकों ने परिषद की इस आवासीय योजना में दिलचस्पी नहीं दिखाई।
ग्राहकों का हुआ मोहभंग
योजना की शुरूआत में 12 सौ से ज्यादा आवासों का पंजीकरण हुआ। लेकिन योजना में धीमे विकास कार्यों ने ग्राहकों को यहां से लौटने पर मजबूर कर दिया। कुछ ग्राहकों ने तो आवासों का पंजीकरण रद्द करा दिया। जबकि अभी भी एक हजार ग्राहकों को आवास में कब्जा लेने का इंतजार है। ऐसे में ग्राहकों का मल्टी स्टोरी आवासों से मोहभंग हो गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना में भी नहीं आएगा काम
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिले में 50 हजार से ज्यादा पंजीकरण हुए हैं। इसको लेकर आवास विकास को भी 600 से ज्यादा आवास आवंटित करने हैं। लेकिन विस्तार योजना के मल्टी स्टोरी आवासों में ज्यादा लागत के कारण ये प्रधानमंत्री योजना में भी काम नहीं आ सके। वन बीएचके की कीमत करीब 10 लाख रुपये है। जबकि प्रधानमंत्री आवासीय योजना में साढे़ चार लाख रुपये में आवास देना है।
1300 से ज्यादा आवास खाली
इस योजना के तहत मल्टीस्टोरी बिल्डिंग में अभी 13 सौ से ज्यादा आवास खाली पड़े हैं। जबकि परिषद ने विस्तार योजना में भूखंड व सिंगल स्टोरी आवासों के आवंटन खोल दिये हैं। इसमें पंजीकरण जारी हैं। अब परिषद का पूरा फोकस नई भूखंड व आवासों की योजना पर है। ऐसे में विस्तार योजना के खाली मल्टीस्टोरी आवासों पर निजी बिल्डरों ने कब्जा जमा लिया है। विभाग के अधिकारी योजना में निजी बिल्डरों के कार्यालय खोलने से बेखबर हैं। निजी बिल्डरों ने जगह जगह मकान खरीदने के लिए पोस्टर भी लगा दिये हैं।
नोएडा, गाजियाबाद जैसा है नजारा
जागृति विहार विस्तार योजना में मल्टी स्टोरी आवास बनकर तैयार हैं। 60 फीट चौड़ी सड़कें जो विस्तार योजना को नोएडा व गाजियाबाद जैसा लुक दे रही हैं। परिषद ने विस्तार योजना के पास ही भूखंड और सिंगल स्टोरी आवासों के लिए पंजीकरण शुरू किया है। परिषद अधिकारियों को उम्मीद है आस पास मकान बनने के बाद लोगों का क्रेज विस्तार योजना में बढ़ेगा।
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