कृषि विधेयकों के विरोध में जोरदार प्रदर्शन, बागपत में हाईवे पर खाना बनाते भाकियू कार्यकर्ता, जमकर नारेबाजी
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केंद्र सरकार द्वारा पारित कृषि विधेयकों के विरोध में शुक्रवार को भाकियू और सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। पश्चिमी यूपी के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। वहीं मेरठ में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर जटौली कट पर ट्रैक्टर खड़े करके धरना शुरू किया। भारतीय किसान यूनियन के मंडल उपाध्यक्ष विनोद, जटौली युवा विंग के जिला अध्यक्ष नवाब सिंह अहलावत के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने चक्का जाम किया है। इस दौरान वाहनों को निकलने में काफी परेशानी हो रही है। वाहन जाम में फंसे हुए हैं। इसके भाकियू ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन खत्म किया। किसानों का चक्का जाम करीब सवा घंटा चला।
इसके अलावा सकौती में भारतीय किसान संगठन के पदाधिकारी हाईवे पर बैठ गए। कार्यकर्ता करीब 20 मिनट तक बैठे रहे। फिर बाद में तहसीलदार को ज्ञापन देकर वहां से लौट गए।
बिजनौर में भाकियू व राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने चक्का जाम शुरू कर दिया है। किसानों ने कई जगह सड़कों पर कब्जा कर लिया है। सड़कों पर बीच में अपने वाहन खड़े करके आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया है। सड़कों के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। किसान एंबुलेंस को बिल्कुल नहीं रोक रहे हैं और उन्हें तुरंत निकाल रहे हैं। वहीं दोपहिया वाहन वाले तो किसी तरह एक तरफ से निकल रहे हैं, लेकिन चौपहिया वाहन वालों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि नए कानूनों से किसान तबाह हो जाएगा। वे हर हाल में अध्यादेशों को वापस कराने की मांग कर रहे हैं।
बागपत में भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने बड़ौत, अग्रवाल मंडी टटीरी और नगर के राष्ट्र वंदना चौक पर जाम लगा दिया है। वहीं भाकियू कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय वंदना चौक पर खाना बनाना शुरू कर दिया है। किसानों का कहना है कि कानून जबरदस्ती उनके ऊपर थोपा जा रहा है, इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कार्यकर्ता ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर हाईवे पर पहुंच गए और जाम लगाया।
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उधर, सहारनपुर में भी कई जगह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। नागल में भारतीय किसान यूनियन कार्यकर्ताओं ने ब्लाक चौराहे पर ट्रैक्टर ट्रॉली लगाकर आवागमन रोक दिया। वहीं सरसावा के शाहजहांपुर में नेशनल हाईवे-73 पर किसानों ने धरना प्रदर्शन करते हुए चक्का जाम कर दिया। किसान नए कृषि बिल का विरोध करते हुए उसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इस दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इसके अलावा छुटमलपुर के शेरपुर में सुबह 11:00 बजे भारतीय किसान यूनियन द्वारा हाईवे जाम किया गया। पुलिस ने छुटमलपुर के फतेहपुर और बिहारीगढ़ क्षेत्र में बिहारीगढ़ कस्बे के बुग्गावाला चौक और सुंदरपुर से रूट डायवर्जन कर दिया है।
शामली में भाकियू ने कृषि विधेयकों के विरोध में पानीपत-खटीमा हाईवे पर गुरुद्वारा तिराहे पर साढ़े 11 बजे चक्का जाम शुरू कर दिया। भाकियू के प्रदेश प्रवक्ता कुलदीप पंवार के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़क के बीचोंबीच टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। मुजफ्फरनगर से आने वाले वाहनों को एसटी तिराहे पर रोका जा रहा है। पानीपत की और से आने वाले वाहनों को शहर से बाहर ही रोक दिया गया है। चक्का जाम का पहले से ही पता होने के कारण ट्रक चालक जगह-जगह अपने वाहन ढाबों पर रोके हुए हैं। मेरठ-करनाल हाईवे पर झिंझाना में जिलाध्यक्ष कपिल खटियान के नेतृत्व में कार्यकर्ता हाइवे पर धरने पर बैठे हैं।
मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान यूनियन ने कृषि विधेयकों के विरोध में जनपद में 10 स्थानों पर चक्का जाम किया। किसानों ने फलौदा, रोहाना, लालूखेड़ी, रामपुर तिराहा, बुढ़ाना बायवाला, शाहपुर, मोरना, नावला कोठी, फुगाना और मीरापुर मोंटी तिराहे पर जाम लगाया। इस दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम लगाए जाने से राहगीरों को काफी परेशानी हो रही है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी स्थानों पर पुलिस बल तैनात है।
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