मेरठ-हापुड़ लोकसभा: भाजपा को कैंट, सपा को किठौर से उम्मीद, कहीं खूब बरसे वोट तो कहीं रहा सूखा
मेरठ हापुड़ लोकसभा सीट पर 2019 का चुनाव सपा-बसपा गठबंधन और भाजपा के बीच आमने-सामने का था। इस बार भाजपा और सपा गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर है। इस बार शहर की पांच विधानसभा सीटों पर कहीं जमकर वोट बरसे तो कहीं वोटों का सूखा नजर आया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट से नया सांसद कौन होगा इसका फैसला तो 4 जून को होगा, लेकिन राजनीतिक दल अपने-अपने दावे कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी के लोगों को भरोसा है कि शहर, दक्षिण और किठौर से मिलने वाली लीड इतनी बड़ी होगी, जिसे इस बार भाजपा को कैंट से मिलने वाली लीड भी कवर नहीं कर पाएगी। दूसरी ओर भाजपा के नेताओं को कैंट पर पूरा यकीन है कि अगर वह कुछ विधानसभा क्षेत्रों में पीछे भी रह गए तो कैंट से मिलने वाली बड़ी लीड विपक्षियों को पीछे छोड़ देगी।
पिछले आंकड़ों पर गौर करें तो 2019 के चुनाव में कैंट विधानसभा क्षेत्र ने निर्णायक भूमिका निभाई थी। 2019 के चुनाव में इस क्षेत्र से भाजपा ने बड़ी बढ़त हासिल की थी। यही बढ़त भाजपा प्रत्याशी राजेंद्र अग्रवाल के लिए निर्णायक साबित हुई और 4729 वोटों से जीत कर संसद पहुंचे थे। क्या इस बार भी यह विधानसभा क्षेत्र उसी भूमिका में होगी या फिर यहां कि जनता का मन इस बार अलग होगा?
दरअसल, 2019 का चुनाव सपा-बसपा गठबंधन और भाजपा के बीच आमने सामने का था। इस चुनाव में मेरठ सीट पर बसपा ने याकूब कुरैशी को उम्मीदवार उतारा था जबकि भाजपा की ओर से राजेंद्र अग्रवाल तीसरी बार मैदान में थे।
याकूब कुरैशी ने पांच में से चार विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाई थी। याकूब मेरठ शहर में राजेंद्र अग्रवाले 30396 वोटों से आगे थे, मेरठ दक्षिण में 29713 वोटों से, किठौर में 21817 वोटों से और हापुड़ से 16420 वोटों से आगे थे।
इन चार विधानसभा क्षेत्रों में याकूब की राजेंद्र अग्रवाल पर कुल बढ़त 98346 वोटों की थी। लेकिन गिनती जब कैंट क्षेत्र की शुरु हुई तो याकूब यहां राजेंद्र अग्रवाल से काफी पीछे रह गए। यहां कुल 2 लाख 48 हजार 603 वोट पड़े थे। इसमें याकूब को 65322 वोट मिले जबकि राजेंद्र अग्रवाल को मिले 1 लाख 68 हजार 74 वोटों ने राजेंद्र अग्रवाल की जीत की पटकथा लिख दी और याकूब 4729 वोटों से चुनाव हार गए।
यह भी पढ़ें: रिश्तों का कत्ल: 50 लाख रुपयों के लिए बहन ने ड्राइवर संग मिलकर मारा भाई, फिर गांव में जाकर बना दी झूठी कहानी
2017 के मेयर के चुनाव में सुनीता वर्मा को कैंट क्षेत्र में मिली थी बढ़त
इस बार समाजवादी पार्टी ने यहां से शहर की पूर्व मेयर सुनीता वर्मा को उतारा है। 2017 में सुनीता वर्मा बसपा के टिकट पर मेयर की प्रत्याशी थीं। उन्होंने कैंट क्षेत्र के कंकरखेड़ा और सिविल लाइन जैसे इलाकों में जिसे भाजपा का गढ़ कहा जाता है, वहां भाजपा से ज्यादा वोट हासिल किए थे। अब सुनीता वर्मा सपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में हैं।
समाजवादी पार्टी प्रत्याशी सुनीता वर्मा दावा कर रही हैं कि इस बार वह कैंट क्षेत्र समेत सभी पाचों विधानसभा क्षेत्र में बढ़त हासिल करते हुए जीत दर्ज करेंगी। वहीं अगर भाजपा अपने 2019 का प्रदर्शन दोहराती है तो अरुण गोविल के लिए संसद पहुंचने की राह हमवार हो जाएगी।
2019 के चुनाव के मुकाबसे इस बार यहां करीब चार हजार वोट कम पड़े हैं। देखना दिलचस्प होगा कि कौन और कितनी बढ़त इस सीट पर बनाने में कामयाब होता है और क्या कैंट सीट ही निर्णायक की भूमिका में होगी? इसका पता चार जून को चलेगा।
2019 के आंकड़े
विधानसभा क्षेत्र बसपा भाजपा अंतर कौन रहा आगे
कैंट 65322 168074 102752 भाजपा
किठौर 131039 109222 21817 बसपा
मेरठ शहर 109637 79241 30396 बसपा
मेरठ दक्षिण 152209 103419 29713 बसपा
हापुड़ 119839 103419 16420 बसपा
कहीं खूब बरसे वोट तो कहीं रहा सूखा
मतदान के बाद अब सियासी सूरमा अपने-अपने पक्ष में नफा-नुकसान का गणित बिठाने में जुटे हैं। जिले की सबसे बड़ी विधानसभा के अंतर्गत दक्षिण विधानसभा में कई स्थानों पर जहां वोट जमकर बरसे तो कहीं सूखा रहा। फतेहउल्लापुर, काजीपुर, कालियागढ़ी जागृति विहार और शताब्दीनगर, रिठानी, मजीद नगर, तारापुरी, के कई बूथों पर मतदान 40 से 45 फीसदी के करीब ही रहा।
इसी के साथ लल्लापुरा नई बस्ती, श्यामनगर, जागृति विहार, कुंडा में कुछ बूथ पर मतदान 50 फीसदी के आसपास ही सिमटा रहा। शास्त्रीनगर के अलेक्जेंडर पब्लिक स्कूल 306 व 308 बूथ पर 53 व 53.08 फीसदी मतदान हुआ।
सामुदायिक ककेंद्र शास्त्री नगर सेक्टर-7, जागृति विहार सेक्टर-3 के कम्युनिटी हॉल, दीवान इंटर कॉलेज भोपाल की कोठी, डाॅ. आंबेडकर स्कूल रिठानी के कुछ बूथों में मतदान का प्रतिशत 53 से 54 फीसदी के बीच ही रहा।
ऐसे ही जनता इंटर कॉलेज अमीनगर, प्रा. विद्यालय बजौट, जनता इंटर कॉलेज प्रा. विद्यालय अलीपुर जिजमाना के कुछ बूथों पर 70 फीसदी के करीब मतदान हुआ। जेके पब्लिक स्कूल राशिद नगर, डीपी पब्लिक स्कूल देव लोक कॉलोनी, प्रा. विद्यालय जलालपुर में 75 फीसदी के आसपास मतदान रहा। इसके असर का आकलन किया जा रहा है।
मेरठ-हापुड़ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में तीन दर्जन बूथों पर पुरुषों से अधिक महिलाओं ने लोकतंत्र के प्रति जिम्मेदारी दिखाई। आंकड़े मेरठ जिले की चार विधानसभा क्षेत्र के हैं। इन 36 बूथों पर पुरुषों से अधिक महिलाओं ने मतदान किया। मेरठ कैंट में ऐसे बूथों की संख्या सबसे अधिक रही, जहां पुरुषों के मुकाबले महिलाओं ने अधिक मतदान किया। यहां 16 बूथों पर महिलाएं पुरुषों से आगे रहीं। किठौर में ऐसे बूथों की संख्या 10 रही जहां पुरुषों से अधिक महिलाओं ने मतदान में हिस्सा लिया। मेरठ दक्षिण में सात और मेरठ शहर में तीन ऐसे बूथ रहे जहां महिलाएं आगे रहीं।
मेरठ शहर के फूलबाग इलाके में जैमिनी इंटर काॅलेज में बूथ नंबर 192 पर कुल मतदाताओं की संख्या 1294 थी। इसमें पुरुषों की संख्या 672 और महिलाओं की संख्या 622 थी। जब मतदान की बारी आई तो यहां 475 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि पोलिंग में हिस्सा लेने वाले पुरुषों की संख्या 353 ही रही। इस बूथ पर 63.99 प्रतिशत मतदान हुआ।
कैंट के कंकरखेड़ा स्थित आरके पब्लिक स्कूल में बूथ नंबर 1114 पर 1071 वोटर्स थे। 553 पुरुष और 518 महिलाएं थीं। मतदान का नंबर आया तो संख्या के लिहाज से महिलाओं की संख्या पुरुषों से 50 अधिक थी। यहां 317 पुरुषों ने और 367 महिलाओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
इन बूथों पर वोटिंग में महिलाओं ने बाजी मारी
मेरठ दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के शास्त्रीनगर सेक्टर-4 स्थित अलेक्जेंडर पब्लिक स्कूल में मतदाताओं की संख्या 1089 थी। इस बूथ पर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या अधिक थी। इसमें 530 पुरुष और 559 महिलाएं थीं। मतदान करने वालों में दोनों की संख्या बराबर रही। 289 पुरुष और इतनी ही महिलाओं ने मतदान किया।
इस बूथ पर दो महिलाओं ने ही किया मतदान
मेरठ कैंट क्षेत्र के मतदान केंद्र कैंट बोर्ड प्राथमिक विद्यालय के बूथ संख्या 285 पर केवल 8 वोट पड़े। इसमें पुरुषों की संख्या 6 और महिलाओं की संख्या मात्र दो रही। इस बूथ पर कुल 148 वोट थे। इसमें पुरुषों की संख्या 128 और महिलाओं की संख्या मात्र 20 थी। इसी तरह तोपखाना के बूथ संख्या 204 पर केवल 35 महिलाओं ने वोट दिया।