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Meerut: हरिद्वार से बंद हो गई गंगनहर, मेरठ-दिल्ली-गाजियाबाद समेत इन जिलों को होगी पेयजल व सिंचाई की दिक्कत
Thu, 02 Oct 2025 05:43 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
Published by: मोहम्मद मुस्तकीम
Updated Thu, 02 Oct 2025 05:43 PM IST
सार
सफाई और मरम्मत कार्य के लिए गंगनहर को बंद किया गया है। अब यह 20 अक्तूबर को ही खुलेगी। इसका असर मेरठ समेत आसपास के जिलों पर भी देखने को मिलेगा। इसके अलावा खेतों की सिंचाई का काम भी प्रभावित होगा।
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गंगनहर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गंगनहर की सफाई और किनारे व पुलों की मरम्मत के लिए बृहस्पतिवार की मध्यरात्रि हरिद्वार से नहर को बंद कर दिया गया है। दो दिन में इसका असर मेरठ और आसपास के इलाकों में देखने को मिलेगा। नहर बंद होने के कारण जहां खेतों की सिंचाई पर असर पड़ेगा, वहीं मेरठ और दिल्ली, गाजियाबाद शहरों की जनता के सामने पेयजल की दिक्कत आएगी।
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हरिद्वार से पानी छोड़ने के बाद मेरठ तक आने में कम से कम 36 घंटे का समय लगता है। इसलिए यह दिक्कत किसानों और आम लोगों को 22 अक्तूबर तक झेलनी होगी। अब हरिद्वार से नहर में 20 अक्तूबर की मध्यरात्रि को ही गंगाजल छोड़ा जाएगा।
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सिंचाई विभाग हर साल दशहरे से दीपावली तक नहर बंद करके सफाई करता है। अब उप्र सरकार के निर्देश पर सिंचाई विभाग ने गंगनहर को हरिद्वार भीम गोड़ा से बंद कर दिया। गंगनहर बंद होने का प्रभाव फसलों की सिंचाई पर ही नहीं बल्कि कुछ शहरों की पेयजल व्यवस्था और हरिद्वार हर की पौड़ी पर गंगा स्नान करने वालों पर भी पड़ेगा।
पश्चिम यूपी के कई जिले होंगे प्रभावित
हरिद्वार से निकलने वाली गंगनहर और अनूपशहर शाखा नहर के पानी का उपयोग मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ आदि जिलों में कृषि भूमि की सिंचाई के लिए होता है। इसके अलावा मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली की जनता की प्यास बुझाई जाती है।
गंगनहर बंद होने से ये सभी इलाके और जनता प्रभवित होगी। किसान गन्ने की बुवाई के लिए कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेला से पहले को उचित समय मानते हैं। पांच नवंबर को गंगा स्नान मेला है। वहीं, नहर बंद होने के कारण बड़ी संख्या में किसान गेहूं की फसल के लिए बुवाई नहीं कर पाएंगे।
हरिद्वार से निकलने वाली गंगनहर और अनूपशहर शाखा नहर के पानी का उपयोग मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़ आदि जिलों में कृषि भूमि की सिंचाई के लिए होता है। इसके अलावा मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली की जनता की प्यास बुझाई जाती है।
गंगनहर बंद होने से ये सभी इलाके और जनता प्रभवित होगी। किसान गन्ने की बुवाई के लिए कार्तिक पूर्णिमा गंगा मेला से पहले को उचित समय मानते हैं। पांच नवंबर को गंगा स्नान मेला है। वहीं, नहर बंद होने के कारण बड़ी संख्या में किसान गेहूं की फसल के लिए बुवाई नहीं कर पाएंगे।
ये बोले अधिकारी
नहर की सफाई और मरम्मत कार्य जरूरी है। इसलिए 20 अक्तूबर तक नहर बंद की गई है। शहरों के लिए जो नहर से पानी की आपूर्ति की जाती है, इसके लिए नहर में जगह-जगह पानी रोका जाएगा। प्रयास रहेगा कि शहरों की जनता को अधिक दिन तक पीने का पानी दिया जा सके।
- विकास त्यागी, अधिशासी अभियंता,मेरठ खंड गंगनहर मेरठ
नहर की सफाई और मरम्मत कार्य जरूरी है। इसलिए 20 अक्तूबर तक नहर बंद की गई है। शहरों के लिए जो नहर से पानी की आपूर्ति की जाती है, इसके लिए नहर में जगह-जगह पानी रोका जाएगा। प्रयास रहेगा कि शहरों की जनता को अधिक दिन तक पीने का पानी दिया जा सके।
- विकास त्यागी, अधिशासी अभियंता,मेरठ खंड गंगनहर मेरठ