Meerut: हस्तिनापुर में गंगा के जलस्तर में फिर बढ़ोतरी, प्रशासन अलर्ट; तटबंधों पर बढ़ाई गई निगरानी
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश का असर अब गंगा के जलस्तर पर भी दिखाई देने लगा है। हस्तिनापुर में बुधवार को गंगा का जलस्तर बढ़ा, हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है। प्रशासन और सिंचाई विभाग ने तटबंधों तथा खादर क्षेत्र के गांवों में निगरानी बढ़ा दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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मेरठ के हस्तिनापुर क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में बुधवार को फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी में पानी का प्रवाह बढ़ा है। हालांकि फिलहाल जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन प्रशासन ने एहतियात के तौर पर निगरानी बढ़ा दी है।
बिजनौर बैराज से बढ़ा पानी का डिस्चार्ज
सिंचाई विभाग के अनुसार बुधवार शाम चार बजे बिजनौर बैराज पर गंगा का जलस्तर 218.70 मीटर दर्ज किया गया। यहां से 1,37,443 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज रिकॉर्ड किया गया। इससे एक दिन पहले मंगलवार को डिस्चार्ज करीब 1.25 लाख क्यूसेक था। डिस्चार्ज में बढ़ोतरी से साफ है कि ऊपरी क्षेत्रों से लगातार पानी आ रहा है।
वहीं भीमगौड़ा बैराज पर गेज 292.20 मीटर और पानी का डिस्चार्ज 1,03,983 क्यूसेक दर्ज किया गया।
तटबंधों और खादर क्षेत्र पर प्रशासन की नजर
गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सिंचाई विभाग की टीमें तटबंधों और कटान संभावित स्थानों का लगातार निरीक्षण कर रही हैं। खादर क्षेत्र के गांवों पर भी प्रशासन विशेष नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके।
फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं
प्रशासन का कहना है कि वर्तमान में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। इसके बावजूद नदी किनारे रहने वाले लोगों और पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे गंगा के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में न जाएं और बच्चों को नदी किनारे अकेले न जाने दें।
बारिश जारी रही तो बढ़ सकता है जलस्तर
अधिकारियों का कहना है कि यदि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहता है तो अगले कुछ दिनों में गंगा के जलस्तर में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसलिए हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।