Meerut: करोड़ों की चार शादियां आयकर के रडार पर, 440 विवाह समारोह की बनाई गई सूची
मेरठ में करोड़ों की शादी का वीडियो वायरल होने के बाद आयकर विभाग सक्रिय हो गया है। आयकर विभाग ने शहर में हो रहे विवाह कार्यक्रमों में लेनदेन के लिए विभागीय कमेटी गठित कर दी है।
विस्तार
मेरठ में आयकर विभाग ने शहर में हो रहे विवाह कार्यक्रमों में नकद लेनदेन के लिए विभागीय स्तर पर कमेटी गठित की है। बाईपास स्थित कई रिजॉर्ट में इस सीजन में हुए चार विवाह समारोह को विभाग ने चिह्नित किया है।
इन कार्यक्रमों में राष्ट्रीय सिंगर सहित बॉलीवुड के स्टार, स्पोर्ट्स स्टाॅर और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हुए। इतना ही नहीं कॉकटेल पार्टी में भी देश के नामचीन पंजाबी सिंगरों ने प्रस्तुति दी। विवाह कार्यक्रम में करोड़ों रुपये विभिन्न परंपराओं के लिए खर्च किए गए।
बड़े विवाह कार्यक्रमों का खंगाला जाएगा रिकाॅर्ड
इनकम टैक्स विभाग ने दिल्ली और वेस्ट यूपी के अपने अधिकारियों को आदेश जारी कर इस सीजन में हुए बड़े विवाह कार्यक्रमों के रिकाॅर्ड खंगालने के लिए कहा गया है। विभागीय स्तर पर जांच शुरू कर दी गई है। शहर में बाईपास स्थित कई रिजॉर्ट में हुए विवाह कार्यक्रमों की आईटी डिपार्टमेंट ने जानकारी जुटाई है।
इन विवाह आयोजनों में कई उद्योगपति, बिल्डरों के साथ राजनेताओं के नाम भी सामने आए हैं। कई बॉलीवुड स्टार, पंजाबी सिंगर कार्यक्रम में शामिल हुए, जिनका एक बार का खर्च एक करोड़ तक का है। विभागीय स्तर पर गोपनीय ढंग से जांच की जा रही है।
टैक्स छिपाने के लिए हो रही मेरठ में शादी- शहर के बाईपास स्थित मंडपों-रिजॉर्ट में होने वाले कई विवाह कार्यक्रम में वर और वधु पक्ष दोनों ही दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के रहने वाले हैं। इसके बाद भी मेरठ बाईपास पर आयोजन किए जा रहे हैं। विभागीय स्तर पर इस बात की जांच की जा रही है कि दिल्ली से मेरठ आकर आयोजन करने वालों का उद्देश्य टैक्स चोरी तो नहीं है।
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जीएसटी विभाग ने भी गठित की कमेटी
जीएसटी विभाग ने अभी 14 दिन पूर्व हापुड़ रोड स्थित एक मंडप में छापामारी की थी। इस मंडप में प्रतिदिन विवाह आयोजन होने के बाद भी यह दिखाया कि उनके यहां बीते दो साल से विवाह कार्यक्रम नहीं हुए। 2023-24 में भी रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई।
जांच के दौरान विभाग को डायरी मिली, जिसमें संपूर्ण आयोजनों की पुष्टि हो गई। विभागीय स्तर इस सीजन में होने वाले आयोजनों के लिए कमेटी भी गठित कर दी गई है। विभागीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जीएसटी ने भी कई शहर में नवंबर में हुए विवाह आयोजनों की सूची तैयार कर जांच शुरू कर दी है।
करोड़ों की शादी का वीडियो वायरल होने के बाद से हरकत में आया विभाग
हाल ही में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसमें दूल्हे को 2.56 करोड़ रुपये दिए गए थे। यह वीडियो मेरठ का बताया जा रहा था, हालांकि जांच में यह मेरठ का नहीं निकला। इसके बाद से ही विभाग शादियों में नकद लेनदेन को लेकर हरकत में आया है।
वहीं, वैवाहिक कार्यक्रम में 11 लाख रुपये एक रस्म के दिए गए। यह एक बड़े रिजॉर्ट में मुस्लिम जोड़े की शादी का भव्य फंक्शन आयोजित हुआ था। इस दौरान 8 लाख रुपये एक धर्म स्थल के लिए भी दिए गए। वीडियो 3 मिनट 3 सेकेंड का है। इस वीडियो को मेरठ का बताया जा रहा था। हालांकि जांच में यह वीडियो भी मेरठ का नहीं निकला।