ग्रेनो अथॉरिटी के तत्कालीन सीईओ समेत पांच पर एफआईआर के आदेश
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जमीन घोटाले के मामले में स्पेशल जज भ्रष्टाचार अधिनियम कोर्ट संख्या दो ने ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण के तत्कालीन मुख्य कार्यपालक अधिकारी रमा रमण समेत पांच लोगों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। यह आदेश थानाध्यक्ष कासना जिला गौतमबुद्धनगर को को दिए हैं।
मामला जमीनों से जुड़े खेल का है। अभियोजन के अनुसार ग्राम बिसरख निवासी कुलदीप सिंह पुत्र महकार सिंह ने कोर्ट में अर्जी दी थी कि वह ग्राम बिसरख जलालपुर जनपद गौतमबुद्धनगर में स्थित कुछ जमीनों के मालिक हैं। उनकी जमीनों के पास तक ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने कुछ जमीनें अर्जन की थीं। जमीनों का अधिग्रहण उसकी जमीन के निकट तक ही हुआ था। उसकी जमीन अर्जन मुक्त थी लेकिन प्राधिकरण के सीईओ रमा रमण, उप महाप्रबंधक मीना भार्गव, नगर नियोजन नोडल अधिकारी रितुराज व्यास ने साजिश कर उनके स्वामित्व की अर्जन मुक्त जमीनों को वैभव जैन बिल्डर को आवंटित कर दिया। पहले तो जमीन जब अर्जित ही नहीं हुई तो उसका आवंटन कैसे हुआ। बाद में जब मामला सामने आया तो अधिकारियों ने उतनी ही जमीन पास में ही समायोजित करने की बात कही। उसे कहा कि बदले में इतनी ही जमीन पास में दे दी जाएगी। इसकी एवज में 20 लाख रुपए की रिश्वत मांगी।
कुलदीप के मुताबिक इस मामले में पुलिस ने भी कोई कार्रवाई नहीं की। सुनवाई के बाद शुक्रवार को अदालत ने आईएएस अधिकारी रमा रमण, पीसीएस अधिकारी मीना भार्गव, रितुराज व्यास व बिल्डर वैभव जैन तथा प्राधिकरण के अन्य शामिल अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच के आदेश दिए। रमा रमण इस इस समय उप्र सरकार में अपर मुख्य सचिव के पद पर तैनात हैं और मेरठ जनपद के नोडल अधिकारी हैं।
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