Meerut: सीसीएसयू में ताबड़तोड़ फायरिंग, छात्र नेता को लगी गोली, सुरक्षा इंतजाम की उड़ीं धज्जियां
Meerut News : सीसीएसयू में शुक्रवार को छात्र गुटों के बीच फायरिंग हो गई। इस दौरान एक छात्र नेता को गोली लग गई। उधर, घटना की जानकारी लगने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
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मेरठ में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (सीसीएसयू) में शुक्रवार शाम वर्चस्व को लेकर दो छात्र गुटों में विवाद के बाद गोलियां चल गईं। एक छात्र घायल हो गया। रजिस्ट्रार ऑफिस के नीचे हुई घटना से कैंपस में अफरातफरी मच गई। छात्र-छात्राएं दहशत में आ गए। पुलिस ने आरोपी पांच छात्रों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ बलवा, जानलेवा हमला, मारपीट, गाली गलौज, जान से मारने की धमकी और 7 क्रिमनल लॉ एक्ट की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। फरार दो आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।
छात्र नेता प्रशांत चौधरी और शेखर चौधरी के बीच काफी दिनों से वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। पांच दिन पहले भी बीपीएड विभाग के पास दोनों गुटों के बीच विवाद हुआ था। शुक्रवार दोपहर ढाई बजे प्रशांत चौधरी, हर्ष ढाका के साथ प्रतिबंधित छात्र शान मोहम्मद किसी मामले को लेकर कुलसचिव कार्यालय पहुंचे। कुलसचिव और प्रोक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों के आदेश पर सिक्योरिटी गार्ड ने प्रतिबंधित छात्र शान मोहम्मद को कार्यालय से नीचे भेज दिया। प्रशांत चौधरी की इसको लेकर कुलसचिव और प्रोक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों से बहस होने लगी। वहां खड़े दूसरे गुट के शेखर चौधरी ने इस पर कोई टिप्पणी कर दी, जिस पर शेखर और प्रशांत के बीच कहासुनी हो गई। कुलसचिव के जाते ही दोनों छात्र गुटों के बीच विवाद बढ़ गया।
प्रशांत चौधरी पार्किंग की तरफ गया तो आरोप है कि उसके साथ शेखर पक्ष के छात्रों ने मारपीट कर दी। प्रशांत की जांघ के पास वहां लगी लोहे की चेन की नोक घुस गई। इस पर प्रशांत ने अवैध पिस्टल से रजिस्ट्रार ऑफिस के नीचे जाकर दो हवाई फायर और एक सीधे छात्रों पर कर दिया। शेखर और उसके साथियों ने सिक्योरिटी गार्ड से डंडा छीनकर प्रशांत चौधरी को पीटकर लहूलुहान कर दिया। भागते हुए प्रशांत की पिस्टल गिर गई, उसे सिक्याेरिटी गार्डों ने कब्जे में ले लिया। मारपीट और फायरिंग की घटना से अफरातफरी मच गई।
सूचना पर सीओ ऑफिस अरविंद चौरसिया और मेडिकल पुलिस मौके पर पहुंच गई। पांच छात्रों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में प्रशांत चौधरी पुत्र उदयवीर सिंह निवासी कलंजली थाना जानी, अक्षय सिंह पुत्र उमा शंकर निवासी जागृति विहार मेडिकल, शेखर उर्फ परमीत पुत्र टेकचंद सिंह निवासी जागृति विहार मेडिकल, अक्षय बैंसला पुत्र जितेंद्र सिंह निवासी ग्राम खानपुर परतापुर और शान मोहम्मद पुत्र जान मोहम्मद निवासी किठौर शामिल हैं।
सीओ अरविंद चौरसिया ने बताया कि मेडिकल थाने में इस मामले में तीन रिपोर्ट दर्ज की गई है। वादी शेखर उर्फ परमीत की तहरीर पर प्रशांत चौधरी और हर्ष ढाका के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 149, 307, 504, 506, 323 के अंतर्गत और प्रशांत चौधरी की तहरीर पर अक्षय सिंह और शेखर उर्फ परमीत के खिलाफ 147, 149, 307, 504, 324 की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।
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वहीं, तीसरा मुकदमा मेडिकल थाने के दरोगा देवेंद्र कुमार शर्मा की तरफ से प्रशांत चौधरी, अक्षय सिंह, शेखर उर्फ परमीत, अक्षय बैंसला, शान मोहम्मद और नानपुर एवं 20-25 अज्ञात युवकों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147,149,307,504, 506 और 7 क्रिमनल एक्ट में दर्ज कर लिया गया है। सीओ अरविंद चौरसिया ने बताया कि पांच आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं। हर्ष ढाका और रोहित नानपुर की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। प्रशांत के पास से .32 बोर की मुंगेर की पिस्टल बरामद की गई है।
सुरक्षा इंतजाम की धज्जियां उड़ीं
चौधरी चरण सिंह विवि (सीसीएसयू) परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की शुक्रवार दोपहर फिर धज्जियां उड़ गईं। ताबड़तोड़ फायरिंग से परिसर में छात्र-छात्राओं के बीच दहशत फैल गई। ये भी तब है जबकि विवि की सुरक्षा पर हर साल पांच करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होते हैं। इसके बावजूद ऐसी घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। वहीं, विवि प्रशासन ने शाम को मंथन करके फिर सुरक्षा व्यवस्था का नये सिरे से तानाबाना बुना है। दावा है जल्द गार्डों की संख्या बढ़ाई जाएगी। 10-11 चिह्नित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। वाहनों के पास की व्यवस्था होगी। शनिवार को विवि प्रशासन डीएम से डिग्गी का रास्ता बंद कराने के लिए पत्र लिखेगा।
नया शिक्षा सत्र शुरू होने के बाद विवि प्रशासन ने नये सिरे से परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का तानाबाना बुनने का दावा किया। मुख्य गेट पर तैनात सिक्योरिटी गार्डों का आने वालों की चेकिंग और रिकॉर्ड बनाने के निर्देश दिए मगर अफसोस सभी दावे हवा-हवाई साबित हुए। विगत माह परिसर में विद्यार्थियों के साथ मारपीट की कई घटनाएं हुईं। रफ्तार में वाहनों के दौड़ाने की शिकायत हुईं। छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुलपति कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। चीफ प्रॉक्टर ने छात्रों का भरोसा दिया कि जल्द न सिर्फ कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे बल्कि सघन चेकिंग भी कराई जाएगी। सिक्योरिटी गार्डों को वॉकी-टॉकी दिए जाएंगे ताकि विवाद की स्थिति होने पर सभी एकजुट हो सकें। इसके साथ ही चीफ प्रॉक्टर ने कहा परिसर में पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र-छात्रा का पास बनाया जाएगा, जिसको देखने के बाद ही प्रवेश मिलेगा मगर अभी किसी के भी पास नहीं बने हैं।
शाम को कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा, चीफ प्रॉक्टर प्रो. बीरपाल सिंह, डीएसडब्ल्यू प्रो. भूपेंद्र सिंह और प्रॉक्टोरियल बोर्ड सदस्यों ने मंथन किया। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए 156 सिक्योरिटी गार्ड लगे हैं, जो तीनों शिफ्ट में काम करते हैं। न सिर्फ परिसर बड़ा है बल्कि कई बिल्डिंग बनने की वजह से गार्ड की कमी महसूस हो रही है, जिनके बढ़ाने पर जल्द फैसला होगा।