UP: चीन-पाक से हुए युद्ध में जंग लड़ने वाले अजयपाल नहीं रहे, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार, सदमे में पत्नी
Meerut News : भूतपूर्व सैनिक ठाकुर अजयपाल सिंह ने भारतीय सेना में रहते हुए 1962, 1965, 1971 के युद्धों में अपना पराक्रम दिखाया। अब 85 साल की उम्र में उनका निधन हो गया।
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देश के लिए तीन युद्धों में जंग लड़ने वाले भूतपूर्व सैनिक ठाकुर अजयपाल सिंह का 85 वर्ष की आयु में बृहस्पतिवार को निधन हो गया। जिनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। भूतपूर्व सैनिक के निधन की खबर से क्षेत्र में शौक की लहर दौड़ गई। आसपास के ग्रामीणों ने गांव में पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी।
मेरठ में सरधना क्षेत्र के गांव अटेरना निवासी ठाकुर अजयपाल सिंह ने भारतीय सेना में रहते हुए 1962, 1965, 1971 के युद्धों में अपना पराक्रम दिखाया। देश की सेना में 17 वर्ष योगदान देने के बाद आरवीसी सेंटर से सेवानिवृत्त हुए ठाकुर अजयपाल सिंह के तीन बेटे धमेंद्र सिंह, नेपाल सिंह, तेजवीर सिंह हैं, जो कि गांव में खेती कर जीवन यापन कर रहे हैं। वहीं, पूर्व सैनिक की पत्नी बिमला देवी का रो-रोकर बुरा हाल हाल है।
सैनिक के पुत्र तेजवीर सिंह ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से बीमारी से ग्रस्त थे। बृहस्पतिवार को अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। चीन के बीच 20 अक्तूबर, 1962 में हुए युद्ध में ठाकुर अजयपाल सिंह ने भाग लिया था। इस युद्ध में हजारों सैनिक शहीद हुए थे। हालांकि, इस युद्ध में भारत को हार का सामना करना पड़ा था। 1965 के भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में भी अपना पराक्रम दिखाया था।
जम्मू कश्मीर के मुद्दे को लेकर हुए युद्ध में भी भूतपूर्व सैनिक ठाकुर अजयपाल सिंह ने अपने शौर्य का लोहा मनवाया। भारत-पाकिस्तान के इस युद्ध में हजारों सैनिक शहीद हुए। लेकिन भारत ने इस युद्ध में जीत हासिल की थी। वहीं, 1971 में भारत-पाकित्सान के बीच 14 दिन तक युद्ध चला। इसमें भी उन्होंने अपने शौर्य का लोहा मनवाया। इस युद्ध में भी पाकिस्तान को भारत से हार का सामना करना पड़ा।
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बृहस्पतिवार को भूतपूर्व सैनिक ठाकुर अजयपाल सिंह के निधन के बाद राजकीय सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी गई। अंतिम यात्रा में काफी संख्या में क्षेत्र के लोगों ने भाग लिया। युवाओं ने भारत माता के नारे लगाते हुए अंतिम विदाई दी। ग्रामीणों ने बताया कि अक्सर युवा इनके पास आकर सेना के तौर तरीके समझते थे। जिन्हें ठाकुर अजयपाल सिंह सेना में जाने के लिए प्रेरित करते थे।
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