Double Murder: अंतिम संस्कार से मना कर रहे परिजन, अपनी मांगों को लेकर अड़े, पुलिस अफसरों के फूले हाथ-पांव
Meerut Double Murder : पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचे तो सुरेंद्र के परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। वहीं, अंतिम संस्कार नहीं होने की सूचना से पुलिस अफसरों के हाथ-पांव फूल गए।
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मेरठ जनपद के हस्तिनापुर में हुए डबल हत्याकांड से इलाके में दहशत फैली हुई है। वहीं, मृतक सुरेंद्र के परिजन अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं। यही नहीं उन्होंने अंतिम संस्कार करने से भी इंकार कर दिया है। उधर, सूचना मिलने पर पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को समझाने की कोशिश की।
बताया गया कि पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव गांव पहुंचे। वहीं, परिजनों ने मृतक अरविंद का संस्कार कर दिया गया लेकिन, ई-रिक्शा चालक सुरेंद्र के परिजन अंतिम संस्कार करने से मना कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
गांव में पहुंची कई थानों की पुलिस
वहीं, गांव में हंगामा की सूचना पर जिले के कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। इसके बाद सीओ, थाना प्रभारी भी पहुंचे और परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन परिजन अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
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परिजनों का कहना है कि आखिर सुरेंद्र की क्या खता थी जो उसे गोली मारी गई। वहीं, परिजनों द्वारा मृतक सुरेंद्र का अंतिम संस्कार नहीं करने से पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ पांव फूले हुए हैं। इसके बाद मौके पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी और रैपिड एक्शन फोर्स बुलाई गई। इस दौरान सभी सुरक्षा व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई।
वहीं, एसडीएम अवाना अखिलेश यादव ने मौके पर पहुंचकर उनकी हर संभव मदद का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
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थाना प्रभारी पर लगाए आरोप
ग्रामीणों ने बताया कि थाना प्रभारी हस्तिनापुर लगातार अंतिम संस्कार के लिए दबाव बना रहे हैं और उन्हें धमकी दे रहे हैं। वहीं, जैसे ही पुलिस ने गांव के ही बृजपाल फौजी गाड़ी में बैठाने की कोशिश की तो ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। इसके बाद पुलिस को ग्रामीण बृजपाल फौजी को मौके पर ही छोड़ना पड़ा।